सरगुजा जिले में टीबी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 10 महीनों में टीबी के 15 मरीजों की मौत हो चुकी है, वहीं इस दौरान 635 नए मरीज सामने आए हैं। हालांकि सरकार अपने स्तर पर टीबी जैसी बीमारी को दूर करने के लिए अभियान चला रही है। लेकिन संसाधनों के अभाव और लोगों में जागरुकता की कमी के चलते ये बीमारी अब भी लोगों की जान ले रही है।
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सरगुजा संभाग के पांच जिलों में से सिर्फ अंबिकापुर के जिला अस्पताल में ही सीबीनॉट मशीन है। जिसमें बलगम जांच होती है। इसके अलावा टीबी वार्ड में डक्त्, थायरायड और लीवर फंक्शन समेत आधा दर्जन जांच की सुविधा अंबिकापुर में भी नहीं है। इसके लिए मरीजों को बिलासपुर रेफर किया जाता है। लोगों का समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाना भी एक बड़ी वजह है।
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जब तक वो अस्पताल पहुंचते हैं तब कर टीबी काफी जानलेवा हो चुका होता है। अंबिकापुर के जिला अस्पताल में टीबी के मरीजों के लिए 10 बेड का एक वार्ड भी बनाया गया है। लेकिन स्टाफ की कमी की वजह से इन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है।
वेब डेस्क, IBC24