भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बांध, पहली बारिश में बह गया 50 दिन पहले बना स्टॉप डैम

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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बांध, पहली बारिश में बह गया 50 दिन पहले बना स्टॉप डैम

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  • Publish Date - September 2, 2020 / 07:05 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:57 PM IST

बलरामपुर, छत्तीसगढ़। बलरामपुर में 50 दिन पहले 20 लाख की लागत से बना स्टाप डैम बारिश में बह गया। वन विभाग ने इस स्टाप डैम का निर्माण कराया था। 

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बलरामपुर जिले में लगातार हो रही बरसात से एक तरफ जहां नदी नाले उफान पर हैं वहीं इस बरसात ने जिले में हुए घटिया निर्माण की पोल भी खोल दी है। राजपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत सेवारी के पकरीखांड़ में लगभग 50 दिन पहले 20 लाख रुपए की लागत से बना बांध भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है और पहली ही बरसात में बांध बह गया है।

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लाखों रुपए के हुए इस भ्रष्टाचार के खिलाफ जनपद सदस्यों ने मोर्चा खेाल दिया है और इससे चारों ओर हडकंप मच गया है।लगभग 20 लाख रुपए की लागत से बने इस डेम का निर्माणकाम जून महिने में पूरा किया गया था और अभी सप्ताह भर पहले यह बह गया है।डैम के बह जाने से न सिर्फ सासन के लाखों रुपए बरबाद हो गए हैं बल्कि इसकी जद में आए किसानों की फसल भी चैपट हो गई है।देा दिन पहले वन समिती बैठक जनपद में रखी गई थी और वन स्थाई समिती के सभापति जनपद सदस्य मुकेस गुप्ता और लुकेस सांडिल्य ने वन विभाग ने सारे निर्माणकार्याें की जानकारी मांगी थी।

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इसी बातचीत के दौरान इस भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था और आज जनपद सदस्यों ने उस घटिया निर्माण हुए डैम का निरीक्षण भी किया जो निर्माण के बाद 50 दिन भी टिक नहीं सका।जनपद सदस्यों ने कहा की वन विभाग को कैंपा मद से हर साल करोडेां रुपए निर्माणकार्य के लिए दिए जाते हैं जिससे वन क्षेत्रों में विकास हो सके लेकिन यहां उन पैसों का किस तरह बंदरबांट किया जा रहा है उसकी बानगी देखने को मिल रही है।जनपद सदस्यों ने इस पूरे मामले में जाचं के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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वहीं वन विभाग के डिप्टी रेंजर का बयान भी हैरान करने वाला है,वो बार बार एक ही बात दोहरा रहे हैं की नए मिट्टी के बैठ जाने के कारण बांध बह गया है,वहीं उनका एक जवाब कई सवाल खडे कर रहा है जिसमें उन्होने कहा की कुछ दिन पहले इसकी मरम्मत कराई गई थी तो जब बांध का निर्माण जून महीने में ही हुआ था तो उसकी मरम्मत कब और क्यों कराई गई,वहीं अभी भी वो मरम्मत की ही बात कर रहे हैं।