रेप पीड़ित बच्ची को इलाज के लिए भटकाने वाले डॉक्टर्स को एक साल की कैद

रेप पीड़ित बच्ची को इलाज के लिए भटकाने वाले डॉक्टर्स को एक साल की कैद

रेप पीड़ित बच्ची को इलाज के लिए भटकाने वाले डॉक्टर्स को एक साल की कैद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:27 pm IST
Published Date: March 23, 2018 4:10 am IST

जबलपुर में 10 साल की दुष्कर्म पीड़िता बच्ची को इलाज के नाम पर भटकाने वाले डॉक्टर्स को पुलिस अब तगड़ा सबक सिखाने जा रही है. पुलिस ने 17 मार्च की शाम दुष्कर्म और जानलेवा हमले से पीड़ित मासूम बच्ची को इलाज के लिए भटकाने वाले डॉक्टर्स के खिलाफ, ज़िला अदालत में कंप्लेंट केस दायर कर दी है जिसमें दोषी डॉक्टर को एक साल की कैद और ज़ुर्माने की सज़ा सुनाई जा सकती है.

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दरअसल CRPC और IPC के कानून में साल 2013 में हुए संशोधन के बाद CRPC की धारा 357-सी जोड़ी गई थी जिसके तहत कोई भी अस्पताल दुष्कर्म या एसिड अटैक से पीड़ित व्यक्ति के इलाज से इंकार नहीं कर सकता. कानून की इस धारा के प्रावधान के तहत भले वो निजी हॉस्पिटल हो लेकिन उसे दुष्कर्म या एसिड अटैक से पीड़ित व्यक्ति को उसके अस्पताल पहुंचते ही मुफ्त इलाज देना होगा.

 

वहीं IPC की धारा 166-बी जोड़ी गई है. जिसमें ऐसे मामलों में पीड़िता को इलाज ना देने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से डॉक्टर्स के खिलाफ ऐसा कदम उठाने का ये पहला मामला है. पुलिस ने जिले के CMHO सहित अस्पतालों को कानून की जानकारी के साथ गाईड लाईन भी भेज दी है।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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