छत्तीसगढ़ में आरक्षण प्रतिशत कम क्यों के. रामुलु ने उठाया सवाल

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छत्तीसगढ़ में आरक्षण प्रतिशत कम क्यों के. रामुलु ने उठाया सवाल

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  • Publish Date - January 6, 2018 / 12:32 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:36 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण प्रतिशत कम किए जाने को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य के. रामुलु का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा है कि देशभर में एससी वर्ग का आरक्षण प्रतिशत 15 होना अनिवार्य है. और साथ ही जनसंख्या प्रतिशत के अनुसार आरक्षण प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है, लेकिन जनसंख्या कम होने पर भी एससी वर्ग को 15 प्रतिशत आरक्षण देना जरूरी है.

 

 

 ज्ञात हो कि पहले छत्तीसगढ़ में एससी वर्ग को 16 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, जिसे घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है. काफी समय से एससी वर्ग के लोग फिर से इसे 16 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन  आयोग के पास अब तक छत्तीसगढ़ से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है. अगर ऐसी कोई भी शिकायत आती है, तब यहां आरक्षण प्रतिशत कम करने को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा.

 

आपको यह भी मालूम होना चाहिए   राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य के. रामुलु इन दिनों छत्तीसगढ़ दौरे पर आये हुए हैं. वे राज्य में अनुसूचित जातियों के स्थिति का अवलोकन कर रहे हैं. आज राजधानी के नवीन विश्राम गृह में के. रामुलु ने प्रेस कांफ्रेंस लेकर पत्रकारों को विस्तृत ब्यौरा दिया. रामुलु ने छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जातियों की स्थिति को देशभर के अन्य राज्यों से बेहतर बताया. साथ ही उन्होंने इस बात पर खीझ प्रकट किया कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार अनुसूचित जातियों को 12 प्रतिशत ही आरक्षण क्यों दे रही है जबकि अन्य राज्यों में 15 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य रूप से दी जा रही है.अन्य राज्यों से अनुसूचित जाति की बेहतर स्थिति बताये जाने के कारणों को गिनाते हुए के. रामुलु ने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति सरकार की योजनाओं का लाभ लेने में अन्य राज्यों की तुलना में काफी आगे हैं. उन्होंने कहा कि राजधानी में बैंक अधिकारियों से बैठक हुई. बैंक अधिकारियों के आंकड़े के मुताबिक अनुसूचित जाति के लोग मुद्रा योजना, बीमा योजना और भी तमाम योजनाओं का भरपूर लाभ ले रहे हैं.