महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए टाला गया संसद का शीतकालीन सत्र: शिवसेना

Ads

महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए टाला गया संसद का शीतकालीन सत्र: शिवसेना

  •  
  • Publish Date - December 17, 2020 / 07:36 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:24 PM IST

मुम्बई, 17 दिसम्बर (भाषा) शिवसेना ने केन्द्र सरकार के संसद का शीतकालीन सत्र टालने के फैसले की निंदा करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसान प्रदर्शन, देश की आर्थिक स्थिति और चीन के साथ सीमा पर गतिरोध जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक सम्पादकीय में कहा कि सत्र इसलिए रद्द किया गया ताकि विपक्ष को इन मुद्दों पर सवाल करने का मौका ही ना मिले।

उसने कहा, ‘‘ यह कैसा लोकतंत्र है? देश तभी जिंदा रह सकता है, जब लोकतंत्र में विपक्षी दलों की आवाजें बुलंद हों। संसद की यह लोकतांत्रिक परम्परा देश को प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस परम्परा का पालन करना चाहिए।’’

केन्द्र सरकार ने हाल ही में कहा था कि कोविड-19 महामारी के कारण इस साल संसद का शीतकालीन सत्र नहीं होगा और इसके मद्देनजर अगले साल जनवरी में बजट सत्र की बैठक आहूत करना उपयुक्त रहेगा।

सम्पादकीय में कहा गया , ‘‘ विश्व में एक बड़े लोकतांत्रिक देश में कोविड-19 के बावजूद चुनाव नहीं रूके। वहीं हम संसद के केवल चार दिन के सत्र की अनुमति नहीं दे रहें।’’

उसने कहा, ‘‘ अमेरिका में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हुए और देश का राष्ट्रपति बदला गया। यह शक्तिशाली देश का लोकतंत्र है, जबकि हमने लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर पर ही ताला लगा दिया।’’

महाराष्ट्र में शीतकालीन सत्र को कोविड-19 के मद्देनजर छोटा कर दो दिन का करने के फैसले की भाजपा की राज्य इकाई द्वारा आलोचना पर उसने कहा कि भाजपा का लोकतंत्र पर रुख‘‘ अपनी सहूलियत के हिसाब से बदल जाता है’’।

ये भी पढ़ें- “बघेल राज” में स्मार्ट हुआ राजधानी रायपुर, सुपर मार्केट और अंतरराज्यीय

मराठी पत्र ने कहा कि केन्द्रीय संसदीय कार्यवाही मंत्री प्रहलाद जोशी का कहना है कि उन्होंने सभी पार्टियों से शीतकालीन सत्र ना कराने को लेकर बातचीत की है।

उसने पूछा कि कब और कहां यह चर्चा हुई?

सम्पादकीय में कहा गया कि कोविड-19 का हवाला देकर संसद का सत्र रद्द करना ‘‘ शर्मनाक’’ है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में रैलियों को संबोधित कर रहे थे।

उसने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा के पश्चिम बंगाल दौरे का भी जिक्र किया, जहां अगले साल चुनाव होने हैं।

ये भी पढ़ें- भूपेश सरकार ने रायपुर की जनता को दी कई बड़ी सौगात, जवान हुआ बूढ़ा तालाब, CM ने

साथ ही उसने कहा कि सभी लोग अपने काम पर जा रहे हैं लेकिन देश को चलाने वालों ने ही कोविड-19 के डर का हवाला देकर संसद पर ‘‘ताला’’ लगा दिया है।

सम्पादकीय में पूछा गया कि कोविड-19 के दौरान अगर लोकसभा ‘‘बंद’’ ही रहनी है तो नई संसद बनाने की क्या जरूरत है।

उसने पूछा, ‘‘ नए संसद भवन के निर्माण में 900 करोड़ रुपये क्या इसलिए लगाए जा रहे हैं, ताकि उस पर बाहर से ताला लगाया जा सके?’’

Read More News: लव-सेक्स और धोखा, नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाया, फिर संबंध बनाकर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूले 7 लाख