आध्राप्रदेश के हैदराबाद के बालाश्रम में अपने परिजनों की बाट जो रहे छत्तीसगढ़ के चार नाबालिग बच्चों को रविवार को रायपुर लाकर उनके परिजनों को सौंपा गया। इसमें सबसे अहम भूमिका छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा प्रभा दुबे की रही, दरअसल नवनियुक्ति आयोग की अध्यक्षा प्रभा दुबे एक ट्रैनिग प्रोग्राम के तहत हैदराबाद गई थी जहां ट्रैनिग के दौरान वहां के बालगृह देखने का मौका मिला, जहां पहले से अपने मां-बाप के इंतेजार में 4 मासुम जिनमें 3 लडकियां और 1 लड़का मिले और उनसे उनके मां-बाप की जानकारी लेकर छत्तीसगढ़ आ गई।
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रायपुर कलेक्टर को एक पत्र के माध्यम से पुरा घटनाक्रम बताते हुए उन बच्चों को छत्तीसगढ़ लाकर उनके मां बाप से मिलवाने के निर्देश दिये गये। जिस पर तत्परता दिखाते हुए रायपुर कलेक्टर ने एक टीम को बच्चो के बताये गांव में भेजकर उनके मां-बाप को खोजा और एक टीम के साथ बच्चों को लाने हैदराबाद भेजा गया, जहां कागजी कार्रवाई पुरी होने के बाद बच्चो को आज रायपुर लाया गया। बच्चों की उम्र 7 साल से 15 साल के बीच की है। जिनमें 3 बच्चे खरोरा के माढ़ गांव के और एक रायपुर के माना इलाके की है।
वेब डेस्क, IBC24