(Bajaj Auto Share price/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Bajaj Auto Share Price आज बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के माहौल के बीच Bajaj Auto Ltd के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली। महाराष्ट्र सरकार के एक फैसले के बाद कंपनी के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। सरकार ने राज्य में ऑटो-रिक्शा के नए परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगाने का ऐलान किया है। इस खबर के सामने आते ही निवेशकों की चिंता बढ़ गई और शेयर गिरने लगे। शुरुआती कारोबार में शेयर ने थोड़ी रिकवरी की कोशिश की, लेकिन बाद में फिर फिसल गया। फिलहाल बीएसई पर कंपनी का शेयर लगभग 2.83% गिरकर 9338.00 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान यह करीब 3.45% टूटकर 9270.00 रुपये तक पहुंच गया था।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इस फैसले के बाद बजाज ऑटो पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। फर्म ने कंपनी के शेयर के लिए 9,015 रुपये का टारगेट प्राइस तय करते हुए ‘Sell‘ रेटिंग दी है। हालांकि बाजार में सभी विश्लेषकों की राय एक जैसी नहीं है। कंपनी को कवर करने वाले कुल 46 एनालिस्ट्स में से 27 ने शेयर को खरीदने की सलाह दी है, जबकि 11 एनालिस्ट्स ने ‘Hold‘ और 8 ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र का बाजार बजाज ऑटो के लिए काफी अहम है। घरेलू बाजार में कंपनी जितनी पेट्रोल या डीजल से चलने वाली तिपहिया गाड़ियां बेचती है, उनमें से करीब 17% बिक्री अकेले महाराष्ट्र में होती है। कंपनी के कुल थ्री-व्हीलर वॉल्यूम में राज्य की हिस्सेदारी लगभग 15% है। इतना ही नहीं, कंपनी के मार्जिन में इस सेगमेंट का योगदान 30% से अधिक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में बिकने वाली ICE (इंटरनल कंबशन इंजन) तिपहिया गाड़ियों में बजाज ऑटो की बाजार हिस्सेदारी लगभग 87% है। ऐसे में परमिट पर रोक लगने से इस सेगमेंट की मांग प्रभावित होने की आशंका है।
| विवरण | आंकड़े |
| कंपनी का नाम | बजाज ऑटो लिमिटेड (Bajaj Auto Ltd) |
| वर्तमान कीमत | ₹9,338.00 |
| आज का बदलाव | −₹272.00 (−2.83%) |
| ओपन प्राइस | ₹9,575.00 |
| दिन का हाई | ₹9,666.00 |
| दिन का लो | ₹9,270.00 |
| मार्केट कैप | ₹2.61 लाख करोड़ |
| P/E रेशियो | 29.41 |
| 52 हफ्ते का हाई | ₹10,187.00 |
| 52 हफ्ते का लो | ₹7,089.35 |
| डिविडेंड यील्ड | 2.25% |
| तिमाही डिविडेंड राशि | ₹52.52 |
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि यह फैसला ‘सैचुरेशन मैनेजमेंट’ की नीति के तहत लिया गया है। राज्य में तिपहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ गई है और अब संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी माना गया। वहीं, अगर शेयर के पिछले एक साल के प्रदर्शन को देखें तो इसमें अच्छी तेजी भी देखी गई है। 7 अप्रैल 2025 को यह शेयर 7089.35 रुपये के स्तर पर था, जो एक साल का निचला स्तर था। इसके बाद लगभग 10 महीनों में यह करीब 43% उछलकर 26 फरवरी 2026 को 10,187 रुपये के रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया। फिलहाल निवेशक इस नए सरकारी फैसले के असर पर नजर बनाए हुए हैं।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।