NSE IPO Price Band: एनएसई आईपीओ को लेकर बड़ा अपडेट! प्राइस बैंड तय, GMP 200 रुपये से नीचे, जानिए कब से लगा पाएंगे दांव?

NSE IPO Price Band: एनएसई के आगामी IPO को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया है। वहीं, ग्रे मार्केट में NSE IPO का प्रीमियम 200 रुपये से नीचे कारोबार कर रहा है। जिससे निवेशकों की नजर इस इश्यू पर बनी हुई है।

NSE IPO Price Band: एनएसई आईपीओ को लेकर बड़ा अपडेट! प्राइस बैंड तय, GMP 200 रुपये से नीचे, जानिए कब से लगा पाएंगे दांव?

(NSE IPO Price Band/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: September 11, 2026 / 11:45 am IST
Published Date: September 11, 2026 11:41 am IST
HIGHLIGHTS
  • NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700-₹1,785 तय हुआ।
  • IPO का लॉट साइज 8 शेयरों का है।
  • न्यूनतम निवेश ₹14,280 करना होगा।

नई दिल्ली: NSE IPO Price Band: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड (NSE IPO Price Band) की ऐलान कर दिया है। इसका प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है। आईपीओ का लॉट साइज 8 शेयरों का रखा गया है। इस हिसाब से निवेशकों को कम से कम 14,280 रुपये लगाने होंगे। NSE का IPO 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुला रहेगा। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा यानी कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

IPO का साइज घटकर 26,579 करोड़ रुपये हुआ

NSE के IPO का साइज (NSE IPO Details) पहले करीब 30,000 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसे घटाकर 26,579.64 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इश्यू में मौजूदा निवेशक करीब 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। पहले 6.1% हिस्सेदारी बेचने की योजना थी, जिसे अब घटाकर 5.1% कर दिया गया है। IPO की लिस्टिंग सिर्फ BSE पर होगी। वहीं, SBI समेत कई बड़े निवेशक इस ऑफर में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

GMP में लगातार गिरावट

ग्रे मार्केट में NSE IPO का प्रीमियम भी कमजोर हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा GMP करीब (NSE IPO GMP) 191 रुपये है जो अपर प्राइस बैंड के मुकाबले लगभग 10.70% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, कुछ समय पहले GMP 257 रुपये तक पहुंच गया था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों की नजर अब इश्यू की वास्तविक मांग पर रहेगी।

QIB, रिटेल और NII के लिए कितना हिस्सा?

IPO में योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB के लिए अधिकतम 50% हिस्सा रखा गया है। रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35% और NII के लिए कम से कम 15% हिस्सा आरक्षित रहेगा। NSE का कारोबार भी काफी मजबूत है। वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 16,601 करोड़ रुपये रहा, जबकि BSE का रेवेन्यू 4,834 करोड़ रुपये था। NSE ने अकेले ट्रांजैक्शन चार्ज से 13,057 करोड़ रुपये की कमाई की है।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।