(PhonePe ipo Listing Postponed/ Image Credit: PhonePe)
नई दिल्ली: PhonePe IPO Listing Postponed: UPI पेमेंट्स प्लेटफॉर्म PhonePe ने 16 मार्च को घोषणा की है कि उसने अपने पब्लिक मार्केट लिस्टिंग (IPO) के प्रोसेस को कुछ समय के लिए टाल दिया है। कंपनी ने बताया कि मौजूदा बिगड़ते वैश्विक हालात और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण यह कदम उठाया गया। सीईओ और फाउंडर समीर निगम ने कहा कि हम पूरी ईमानदारी से उम्मीद करते हैं कि प्रभावित इलाकों में जल्द शांति लौटेगी और भारत में पब्लिक लिस्टिंग के लिए हमारी प्रतिबद्धता बनी रहेगी।
PhonePe को 20 जनवरी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से IPO के लिए मंजूरी मिली थी। इस IPO के जरिए कंपनी लगभग 12,000 करोड़ रुपए (1.35 अरब डॉलर) जुटाने की योजना बना रही थी, जिससे इसका वैल्यूएशन करीब 15 अरब डॉलर तक पहुंच जाता। हालांकि, अमेरिका-इजरायल संघर्ष और वैश्विक बाजार की अस्थिरता के कारण, मौजूदा परिस्थितियों में इतनी बड़ी राशि जुटाना मुश्किल था। कंपनी ने कहा कि जब ग्लोबल कैपिटल मार्केट्स में स्थिरता आएगी, तब लिस्टिंग का प्रोसेस फिर से शुरू किया जाएगा।
बेंगलुरु स्थित PhonePe UPI पेमेंट्स में लगभग 45 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी रखती है। इसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी Google Pay की हिस्सेदारी लगभग 35 प्रतिशत है। देश के डिजिटल पेमेंट्स का 85 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा UPI प्लेटफॉर्म के जरिए प्रोसेस होता है। PhonePe हर महीने लगभग 10 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है, जिनका कुल मूल्य 12 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
PhonePe सिर्फ पेमेंट्स तक सीमित नहीं है। इसके अन्य वर्टिकल्स में शेयर बाजार ट्रेडिंग ऐप ‘share.market‘, लेंडिंग प्लेटफॉर्म और इंश्योरेंस पॉलिसी की सेल्स शामिल हैं। कंपनी का लगातार विकास, नए-नए इस्तेमाल के तरीके और इनोवेशन इसे भारत में डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक के क्षेत्र में एक मजबूत और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाते हैं।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।