(Share Market 19 February 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market 19 February 2026 in India आज गुरुवार 19 फरवरी को वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में सपाट शुरुआत की उम्मीद की जा रही है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी तेजी के बाद निवेशक अब सतर्क नजर आ रहे हैं। बुधवार को बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था, जिससे संकेत मिल रहा है कि रुझान सकारात्मक हो सकता है, लेकिन बड़ी उछाल के बजाय स्थिर शुरुआत संभव है।
बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 283 अंकों की बढ़त के साथ 83,734 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 93 अंक चढ़कर 25,819 पर पहुंच गया। लगातार तीसरे दिन आई इस तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक ऊपरी स्तर पर बंद हुए।
एशियाई बाजारों में भी गुरुवार को तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 0.52% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.39% ऊपर रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.76% उछलकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और कोस्डैक 0.59% चढ़ा। हालांकि हांगकांग और चीन के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टी के कारण बंद रहे।
GIFT Nifty करीब 25,833 पर कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 5 अंक ऊपर था। यह मामूली प्रीमियम इस बात का संकेत देता है कि बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रह सकती है। फिलहाल निवेशक बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों में बुधवार को मजबूती रही। डाऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.26% चढ़कर 49,662.66 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 0.56% बढ़ा और नैस्डैक कंपोजिट 0.78% की तेजी के साथ बंद हुआ। टेक शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
टेक शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। एनवीडिया, मेटा प्लेटफॉर्म्स, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इससे टेक सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेशकों का भरोसा लौटा।
सोने की कीमतों में पिछले सत्र की बड़ी उछाल के बाद स्थिरता देखी गई। वहीं डॉलर मजबूत बना हुआ है क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में जल्द कटौती के संकेत नहीं दिए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट आई, हालांकि एक दिन पहले इनमें 4% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई थी। वही, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।