Solar Stocks Crash: सोलर कंपनियों के शेयरों में भूचाल! ट्रंप के 126% टैरिफ के बाद शेयर 15% तक बिखर गए, जानें कौन कितना फिसला?

Solar Stocks Crash: बुधवार को वारी एनर्जीज, प्रीमियर एनर्जी, विक्रम सोलर, वारी रिन्यूएबल और इंडोसोलर के शेयर 15% तक गिर गए। इसका कारण अमेरिका द्वारा भारत से सोलर इंपोर्ट्स पर 126% ड्यूटी लगाना है, जिससे सोलर कंपनियों के शेयर बाजार में भारी दबाव में आ गए।

Solar Stocks Crash: सोलर कंपनियों के शेयरों में भूचाल! ट्रंप के 126% टैरिफ के बाद शेयर 15% तक बिखर गए, जानें कौन कितना फिसला?

(Solar Stocks Crash/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: February 25, 2026 / 01:06 pm IST
Published Date: February 25, 2026 12:49 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ट्रंप प्रशासन ने 126% ड्यूटी बढ़ाई – भारत से सोलर इंपोर्ट्स पर भारी टैरिफ लागू।
  • सोलर कंपनियों के शेयरों में गिरावट – वारी एनर्जीज, प्रीमियर एनर्जी, विक्रम सोलर के शेयरों में 15% तक की गिरावट।
  • अमेरिका के टैरिफ से भारत को नुकसान – सोलर पैनल मैन्युफैक्चरर्स को बड़ा झटका।

नई दिल्ली: Solar Stocks Crash News अमेरिका ने भारत से होने वाले सोलर इंपोर्ट्स पर 126% की भारी ड्यूटी लगा दी है, जिससे भारतीय सोलर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। बुधवार को वारी एनर्जीज लिमिटेड, प्रीमियर एनर्जी, विक्रम सोलर लिमिटेड के शेयर, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज और इंडोसोलर लिमिटेड के शेयर 15% तक टूट गए। यह ड्यूटी ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ से अलग होगी।

सोलर कंपनियों के शेयरों में गिरावट (Solar Stocks Fall)

अमेरिकी ड्यूटी के असर से वारी एनर्जीज लिमिटेड के शेयर 15% तक गिरकर 2570.00 रुपये पर पहुंच गए। इसी तरह प्रीमियर एनर्जी लिमिटेड के शेयर 13% से ज्यादा लुढ़ककर 666.90 रुपये पर पहुंच गए। विक्रम सोलर लिमिटेड के शेयर 5% से ज्यादा घटकर 171.00 रुपये पर आ गए। वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज 5 प्रतिशत के गिरावट के बाद 810 रुपये पर पहुंच गया और इंडोसोलर लिमिटेड के शेयरों में भी 5% की गिरावट के बाद 326.05 रुपये के इंट्रा-डे लो लेवल पर आ गया। इस असर से भारतीय सोलर कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है।

अमेरिका ने इन देशों पर भी बढ़ाई ड्यूटी (Increased Duty on Imports)

अमेरिका ने सिर्फ भारत पर ही नहीं, इंडोनेशिया और लाओस से होने वाले आयात पर भी ड्यूटी बढ़ाई है। इंडोनेशिया से आयात पर 86% से लेकर 143% तक ड्यूटी बढ़ाई गई है, जबकि लाओस से आयात पर 81% ड्यूटी लगाई गई है। यह ड्यूटी विदेशी सब्सिडीज के आधार पर तय की गई है ताकि सस्ते दाम पर प्रॉडक्ट्स बेचकर अमेरिकी सोलर कंपनियों को नुकसान न हो। अमेरिका का यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट कहता है कि इससे घरेलू सोलर प्रॉडक्शन को फायदा मिलेगा।

वारी एनर्जीज के लिए यूएस मार्केट अहम (US Market Important)

वारी एनर्जीज के लिए यूएस बाजार बहुत अहम है। कंपनी का कहना है कि यूएस में न केवल मैन्युफैक्चरिंग हो रही है, बल्कि इनवेस्टमेंट्स को भी बढ़ाया जा रहा है। दिसंबर तिमाही के अंत में वारी एनर्जीज की ऑर्डर बुक 60,000 करोड़ रुपये रही और 32.6% रेवेन्यू ओवरसीज मार्केट से आया। हालांकि, प्रीमियर एनर्जी का यूएस मार्केट में ज्यादा एक्सपोजर नहीं है, जबकि विक्रम सोलर की 20% ऑर्डर बुक एक्सपोर्ट्स से आती है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।