Stock Market Today: निफ्टी की चाल आज बदलेगी खेल? Gift Nifty के संकेत बता रहे हैं बाजार का मूड

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Stock Market Today: भारतीय बाजारों के लिए संकेत मिले-जुले हैं। 15 दिनों बाद FIIs ने कैश में हल्की खरीद की है। गिफ्ट निफ्टी पर दबाव है। एशियाई बाजारों में मिश्रित कारोबार दिखा। यूएस फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं, जिससे ऊपरी स्तरों पर दबाव रहा और अमेरिकी इंडेक्स फ्लैट बंद हुए।

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 09:11 AM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 09:12 AM IST

(Stock Market Today/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी, बाजार की नकारात्मक शुरुआत के संकेत
  • 15 दिनों बाद FIIs की हल्की खरीदारी, निवेशकों को थोड़ी राहत
  • एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, वैश्विक संकेत साफ नहीं

नई दिल्ली: Stock Market News Today in India भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 आज गुरुवार को गिरावट के साथ खुलने के आसार है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं और आज इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 जारी होना है, जिससे निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी के संकेत घरेलू बाजार पर दबाव बना सकते हैं।

भारत-यूरोपीय संघ समझौते से कल दिखी मजबूती (India-EU agreements)

बुधवार को भारत-यूरोपीय संघ के बीच संभावित मुक्त व्यापार समझौते की खबरों से घरेलू शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स 487.20 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,344.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 167.35 अंक या 0.66 प्रतिशत चढ़कर 25,342.75 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी का नकारात्मक संकेत (Gift Nifty Signals)

गिफ्ट निफ्टी गुरुवार सुबह करीब 25,364 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 86 अंकों की छूट पर था। गिफ्ट निफ्टी में यह कमजोरी इस बात का संकेत है कि भारतीय बाजारों की शुरुआत आज थोड़ी दबाव के साथ हो सकती है।

अमेरिकी बाजारों का हाल (Condition of American Markets)

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। वहीं वॉल स्ट्रीट बुधवार को लगभग सपाट बंद हुआ। डॉऊ जोन्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, नैस्डैक में हल्की तेजी रही, जबकि एसएंडपी 500 इंडेक्स लगभग फ्लैट रहा।

US FED के फैसले से बाजारों पर असर (Impact of US Fed Decision)

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और नीतिगत दर को 3.5 से 3.75 प्रतिशत की सीमा में बनाए रखा। हालांकि फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भविष्य में दरों में कटौती को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं दिया, जिससे वैश्विक बाजारों में ऊपरी स्तरों से दबाव देखा गया।

सोना-चांदी ने बनाए नए रिकॉर्ड (Gold and Silver set new Records)

वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग बढ़ी है। सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी भी 120 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती नजर आई। निवेशक जोखिम से बचने के लिए कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं।

कच्चे तेल में तेजी (Rise in Crude Oil)

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत उछलकर 68 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो चार महीने का उच्च स्तर है। तेल की बढ़ती कीमतें आगे चलकर महंगाई और बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं।

आज कैसे मिल रहे हैं ग्लोबल संकेत? (Today’s Global Signals)

भारतीय बाजारों के लिए संकेत मिले-जुले हैं। 15 दिनों बाद FIIs ने कैश में हल्की खरीदारी की है, लेकिन गिफ्ट निफ्टी दबाव में दिख रहा है। एशियाई बाजार मिश्रित हैं। यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में बदलाव न करने से ऊपरी स्तरों पर दबाव रहा और अमेरिकी इंडेक्स फ्लैट बंद हुए। अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 2% उछलकर 68 डॉलर के पार पहुंच गया, जबकि सोना 5600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर के करीब पहुंच गई।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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आज भारतीय शेयर बाजार कमजोर क्यों खुल सकता है?

गिफ्ट निफ्टी में दबाव, वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेत और इकोनॉमिक सर्वे से पहले सतर्कता के कारण बाजार कमजोर खुल सकता है।

गिफ्ट निफ्टी क्या संकेत दे रहा है?

गिफ्ट निफ्टी निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से करीब 86 अंक नीचे है, जो नकारात्मक शुरुआत का संकेत है।

US FED के फैसले का बाजार पर क्या असर पड़ा?

ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन भविष्य को लेकर स्पष्ट संकेत न मिलने से ऊपरी स्तरों पर दबाव बना रहा।

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी क्यों आई?

भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़े, जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं।