Stock Market This Week: क्या इस सप्ताह भी शेयर बाजार में बनेगा नया रिकॉर्ड या फिर लगेगा ऐसा गिरावट का झटका कि निवेशक रह जाएंगे सन्न! क्या कहते हैं एक्सपर्ट

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Stock Market This Week: पिछले सप्ताह शेयर बाजार में तेजी रही। अब इस हफ्ते निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और ईरान-अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम पर होगी। इन वैश्विक संकेतों का असर बाजार की चाल और निवेशकों के फैसलों पर पड़ सकता है।

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 04:45 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 04:45 PM IST

(Stock Market This Week/ Image Credit: Meta AI)

HIGHLIGHTS
  • बाजार की दिशा अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल पर निर्भर रहेगी।
  • तेल की कीमतें 90 डॉलर से नीचे रहने पर बाजार में राहत मिल सकती है।
  • कई बड़ी कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी।

नई दिल्ली: Stock Market This Week: इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की चाल मुख्य रूप से वैश्विक और घरेलू संकेतों पर निर्भर रहने वाली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये-डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार को प्रभावित करेंगी। इन सभी कारकों के चलते निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है और बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतें

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह बाजार पूरी तरह भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील रहेगा। खासकर अमेरिका और ईरान से जुड़े हालात पर निवेशकों की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगी। यदि तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं या तनाव कम होता है तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर तनाव बढ़ता है तो शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

महंगाई के आंकड़े और आर्थिक संकेत

इस सप्ताह आने वाले महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक की ब्याज दर नीति पर असर डाल सकते हैं। वहीं अमेरिका के महंगाई डेटा से फेडरल रिजर्व की आगामी नीति, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक जोखिम धारणा प्रभावित हो सकती है। इन आर्थिक संकेतों के कारण निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और किसी भी बड़े फैसले से पहले डेटा का इंतजार कर रहे हैं।

तिमाही नतीजों का दौर

इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। जिनमें Canara Bank, Tata Power, Bharti Airtel, DLF, Hindustan Petroleum Corporation Limited और JSW Steel शामिल हैं। इन नतीजों से अलग-अलग सेक्टरों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। निवेशक इन रिपोर्ट्स पर कड़ी नजर रखेंगे क्योंकि ये कंपनियों के प्रदर्शन और भविष्य की दिशा तय करेंगे।

बाजार का हाल

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड के अनुसार भारतीय शेयर बाजार फिलहाल सीमित दायरे में रह सकता है और वैश्विक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। उन्होंने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार निकासी बाजार पर दबाव डाल रही है। इस महीने अब तक एफपीआई लगभग 14,231 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाल चुके हैं। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई के आंकड़ों और विदेशी निवेश के रुख पर निर्भर करेगी।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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इस सप्ताह बाजार को कौन से फैक्टर प्रभावित करेंगे?

अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चा तेल, रुपये की चाल और विदेशी निवेश।

कच्चे तेल की कीमतों का क्या असर होगा?

अगर कीमतें नीचे रहती हैं तो बाजार में तेजी आ सकती है, वरना दबाव बढ़ेगा।

क्या महंगाई के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं?

हाँ, भारत और अमेरिका दोनों के महंगाई आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।

विदेशी निवेशकों की क्या स्थिति है?

एफपीआई लगातार निकासी कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।