(Stock Market This Week/ Image Credit: Meta AI)
नई दिल्ली: Stock Market This Week: इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की चाल मुख्य रूप से वैश्विक और घरेलू संकेतों पर निर्भर रहने वाली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये-डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार को प्रभावित करेंगी। इन सभी कारकों के चलते निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है और बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह बाजार पूरी तरह भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील रहेगा। खासकर अमेरिका और ईरान से जुड़े हालात पर निवेशकों की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगी। यदि तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं या तनाव कम होता है तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर तनाव बढ़ता है तो शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
इस सप्ताह आने वाले महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक की ब्याज दर नीति पर असर डाल सकते हैं। वहीं अमेरिका के महंगाई डेटा से फेडरल रिजर्व की आगामी नीति, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक जोखिम धारणा प्रभावित हो सकती है। इन आर्थिक संकेतों के कारण निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और किसी भी बड़े फैसले से पहले डेटा का इंतजार कर रहे हैं।
इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। जिनमें Canara Bank, Tata Power, Bharti Airtel, DLF, Hindustan Petroleum Corporation Limited और JSW Steel शामिल हैं। इन नतीजों से अलग-अलग सेक्टरों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। निवेशक इन रिपोर्ट्स पर कड़ी नजर रखेंगे क्योंकि ये कंपनियों के प्रदर्शन और भविष्य की दिशा तय करेंगे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड के अनुसार भारतीय शेयर बाजार फिलहाल सीमित दायरे में रह सकता है और वैश्विक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। उन्होंने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार निकासी बाजार पर दबाव डाल रही है। इस महीने अब तक एफपीआई लगभग 14,231 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाल चुके हैं। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई के आंकड़ों और विदेशी निवेश के रुख पर निर्भर करेगी।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।