(TCS Share Price/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: TCS Share Price Today आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर गुरुवार 12 फरवरी 2026 को इंट्रा-डे कारोबार में 5% से ज्यादा गिरकर 2,740 रुपये के 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसी दिन कंपनी का मार्केट कैप भी पहली बार दिसंबर 2020 के बाद 10 लाख करोड़ रुपये से नीचे गिरकर करीब 9.96 लाख करोड़ हो गया। AI को लेकर वैश्विक स्तर पर चल रही बिकवाली का असर TCS पर भी दिखा।
इस गिरावट के चलते निजी बैंक ICICI बैंक ने TCS को पीछे छोड़ते हुए मार्केट कैप के लिहाज से भारत की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी का स्थान हासिल कर लिया। एक दिन पहले ही SBI ने TCS को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर जगह बनाई थी। ICICI बैंक का मार्केट कैप 10.09 लाख करोड़ रुपये था। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज 19.7 लाख करोड़ रुपये के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है, उसके बाद HDFC बैंक और भारती एयरटेल का स्थान है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेतों ने TCS समेत आईटी शेयरों पर दबाव डाला। जनवरी में अमेरिका की जॉब रिपोर्ट उम्मीद से बेहतर रही और बेरोजगारी दर घटकर 4.3% पर आ गई। इससे निवेशकों को लगा कि फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरें नहीं घटाएगा। मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों में कमी से वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयर भी गिर गए। माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी कंपनियों में भी दबाव आया।
भारत में निफ्टी आईटी इंडेक्स 4% से ज्यादा गिर गया। इन्फोसिस, HCL टेक, टेक महिंद्रा, कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसे प्रमुख आईटी शेयर भी 4% से ज्यादा लुढ़क गए। TCS की गिरावट इसी वैश्विक और घरेलू दबाव का परिणाम थी, लेकिन बुनियादी मजबूती अभी भी बनी हुई है।
| विवरण | मान |
| शेयर मूल्य | ₹2,741.90 |
| आज का परिवर्तन | −₹167.90 (−5.77%) |
| आज का समय | 3:30 PM IST |
| आज का मूल्य (10:10) | ₹2,797.60 |
| खुला (Open) | ₹2,869.80 |
| उच्चतम (High) | ₹2,880.00 |
| न्यूनतम (Low) | ₹2,740.00 |
| मार्केट कैप (Mkt Cap) | ₹9.96 लाख करोड़ |
| P/E अनुपात | 20.79 |
| 52-सप्ताह उच्चतम | ₹4,021.75 |
| 52-सप्ताह न्यूनतम | ₹2,740.00 |
| डिविडेंड | 2.30% |
| तिमाही डिविडेंड राशि | ₹15.77 |
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि हालिया गिरावट भावनात्मक है, बुनियादी कमजोरी नहीं। एआई से पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल को चुनौती मिलेगी, लेकिन नए अवसर भी बनेंगे जैसे AI इम्प्लीमेंटेशन, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन। उनका कहना है कि भारतीय आईटी सेक्टर कमजोर नहीं है, बल्कि समय के साथ खुद को बदल रहा है। इंडस्ट्री की ग्रोथ 67% रहने का अनुमान है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।