(फोटो के साथ)
ढाका, 12 फरवरी (भाषा) बांग्लादेश के अहम 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू होने के बाद देश की दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार को अपने वोट डाले।
चुनाव में दोपहर तक 32 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया।
बांग्लादेश में जटिल 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ-साथ ये आम चुनाव हो रहे हैं।
हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की गैरमौजूदगी में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।
देश भर में 300 में से 299 संसदीय सीट पर मतदान सुबह साढ़े सात बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू हुआ और शाम साढ़े चार बजे तक जारी रहा। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतों की गिनती शुरू होने की संभावना है।
बांग्लादेश निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक 32,789 मतदान केंद्रों पर 32 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया।
बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के रिहायशी गुलशन इलाके में स्थित गुलशन मॉडल स्कूल एवं कॉलेज केंद्र में अपना वोट डाला। रहमान पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।
रहमान ने मतदान केंद्र से बाहर निकलते हुए कहा, ‘‘मैंने मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग किया है। बांग्लादेश की जनता एक दशक से अधिक समय से इस दिन का इंतजार कर रही थी।’’
उन्होंने कहा कि सत्ता में चुने जाने पर, ‘‘हम देश में कानून व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता देंगे ताकि लोग सुरक्षित महसूस करें।’’
राजधानी ढाका में कई मतदान केंद्रों का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि अगर चुनाव ‘‘स्वतंत्र, निष्पक्ष, तटस्थ तरीके से और बिना किसी विवाद के’’ आयोजित किए जाते हैं तो बीएनपी परिणामों को स्वीकार करेगी।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोग अपना वोट डालते हैं तो आज से ही देश में लोकतंत्र की शुरुआत हो सकती है।’’
चुनाव जीतने की आशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमें पूरा भरोसा है, मुझे जीत की पूरी उम्मीद है।’’
अगस्त 2024 में देशव्यापी व्यापक प्रदर्शनों में हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह पहला आम चुनाव है।
बीएनपी की पूर्व सहयोगी और अब मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने मोनीपुर उच्च विद्यालय एवं कॉलेज में अपना वोट डाला।
मतदान केंद्र से बाहर निकलते हुए शफीकुर ने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुए तो उनकी पार्टी नतीजों को स्वीकार करेगी।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह चुनाव एक ऐसी सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करेगा जो किसी व्यक्ति, परिवार या पार्टी की नहीं, बल्कि देश के 18 करोड़ लोगों की होगी।
बीएसएस ने उनके हवाले से कहा, ‘‘हमें ऐसी सरकार के बनने की उम्मीद है। हमारे लिए दुआ करें।’’
बांग्लादेश के मुख्यधारा के मीडिया में चुनाव पूर्व हेराफेरी, मतदाताओं को रिश्वत देने, मतपत्रों के फोटोकॉपी का वितरण और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच झड़पों के आरोपों की खबरें छायी हुई हैं जिसके बाद सेना और पुलिस के संयुक्त बलों ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
सोशल मीडिया मंच पर मध्यरात्रि को जारी एक बयान में जमात प्रमुख ने लोगों से इन खबरों को नजरअंदाज करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘प्रिय देशवासियों, ‘लैलतुल गुजोब’ (अफवाहों की रात) जारी है, कृपया इन पर ध्यान नहीं दें।’’
अपना वोट डालने के बाद शफीकुर ने मीडिया से निष्पक्ष भूमिका निभाने का आग्रह किया।
दूसरी ओर बीएनपी प्रमुख रहमान ने कहा कि उन्हें ‘‘कल रात कुछ अप्रिय जानकारी मिली जिसकी अपेक्षा नहीं थी’’।
अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस अपनी बेटी के साथ गुलशन क्षेत्र के एक स्कूल में बने अस्थायी मतदान केंद्र पर पहुंचे और अपना वोट डाला।
उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘आइए हम पूरे दिन राष्ट्र का जन्मदिन मनाएं… आज हमें हर क्षेत्र में एक नया बांग्लादेश बनाने का मौका मिला है।’’
इस चुनाव से यूनुस के अंतरिम प्रशासन का 18 महीने का शासन समाप्त होने की उम्मीद है, जिसने हसीना के 15 साल के शासन के खत्म होने के बाद सत्ता संभाली थी।
अपना वोट डालने के बाद गृह सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि एक-दो छिटपुट घटनाओं को छोड़कर चुनाव निष्पक्ष और उत्सवपूर्ण माहौल में हो रहा है।
हिंसा की छिटपुट घटनाओं ने चुनावों को प्रभावित किया है।
‘बीडीन्यूज24’ की खबर के अनुसार, गोपालगंज में बम हमले में 13 वर्षीय लड़की सहित तीन लोग घायल हो गए हैं।
एक अन्य घटना में मुंशीगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र के बाहर सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए, जिससे मतदान अस्थायी रूप से बाधित हो गया।
ढाका के एस्केटन गार्डन माध्यमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र में वोट डालने के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) एएमएम नासिरउद्दीन ने पत्रकारों से कहा कि ‘‘बांग्लादेश लोकतंत्र की ट्रेन पर’’ सवार हो गया है और वह जल्द ‘‘अपने गंतव्य पर’’ पहुंचेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थिति से खुश हैं।’’ नासिरउद्दीन ने यह भी कहा कि बांग्लादेश ‘‘2026 में दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव’’ आयोजित कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में जारी है।
इस बीच, सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान ने मतदाताओं से बिना किसी डर के बाहर आकर अपना वोट डालने का आग्रह किया और आशा व्यक्त की कि चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होगा।
‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘कृपया बिना किसी डर के अपने घरों से बाहर निकलें, मतदान केंद्रों पर जाएं और अपना वोट डालें। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है।’’
वोट डालने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने सुबह समूचे बांग्लादेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुझे जो जानकारी मिली है, उससे पता चलता है कि चुनाव बहुत शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे हैं।’’
कुल 50 राजनीतिक दलों के कुल 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बीएनपी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार उतारे हैं। चुनाव में 83 महिला उम्मीदवार हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, करीब 12.7 करोड़ मतदाताओं में से 3.58 प्रतिशत मतदाता पहली बार मतदान करने वाले हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, करीब 12.7 करोड़ मतदाताओं में से 3.58 प्रतिशत मतदाता पहली बार मतदान करने वाले हैं।
भाषा सुरभि नरेश
नरेश