(Textile Stocks/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: Textile Stocks Budget 2026 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2027 का बजट पेश करते हुए टेक्सटाइल सेक्टर के विस्तार के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने का ऐलान किया, जिसका प्रमुख उद्देश्य टेक्निकल टेक्सटाइल्स पर ध्यान केंद्रित करना है। यह पार्क एक बड़े और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का हिस्सा होगा, जिससे इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक बाजार में मजबूती मिलेगी।
वित्त मंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम, नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम, और टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम जैसी नई योजनाओं का भी ऐलान किया। इन योजनाओं का मकसद इस क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की संख्या बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इसके अलावा, सरकार ने नेशनल फाइबर स्कीम के तहत फाइबर उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई हैं और मशीनरी के लिए कैपिटल सपोर्ट देने का भी प्रस्ताव किया है।
इन घोषणाओं का सीधा असर भारतीय स्टॉक मार्केट में देखने को मिला। केपीआर मिल के शेयरों में 3.5% की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि वर्धमान टेक्सटाइल्स के शेयर 2.2% तक चढ़े। इसके अलावा, वेलस्पन लिविंग, पेज इंडस्ट्रीज, और अरविंद के शेयर भी 1-3% तक उछल पड़े, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बाजार इन घोषणाओं को सकारात्मक तौर पर देख रहा है।
यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब भारत के टेक्सटाइल और एपेरल एक्सपोर्टर्स अपनी वैश्विक रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। यूरोपीय यूनियन और यूनाइटेड किंगडम के साथ हाल ही में किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजारों में पहुंच में सुधार होगा। इन एग्रीमेंट्स से भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलने की उम्मीद है।
पिछले बजट में वित्त मंत्री ने किसानों के स्तर से ही टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूत करने की योजनाएं बनाई थीं। कपास की पैदावार बढ़ाने और टिकाऊ कपास किस्मों को बढ़ावा देने के लिए पांच साल के मिशन का ऐलान किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य टेक्सटाइल उद्योग को कच्चे माल से लेकर तैयार माल तक समर्थन देना था, जिससे यह क्षेत्र स्थिरता और विकास की दिशा में बढ़ सके।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।