Tehran Youm-e-Quds 2026 : यौम-ए-कुद्स के अवसर पर ईरान में विरोध, अमेरिका और इजरायल के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग

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Tehran में यौम-ए-कुद्स के मौके पर हजारों लोग सड़कों पर उतरे और अमेरिका व इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालिया सैन्य तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के बीच यह प्रदर्शन मध्य पूर्व की बढ़ती अस्थिरता का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 09:01 PM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 09:11 PM IST

Tehran Youm-e-Quds 2026 / Image Source : x

HIGHLIGHTS
  • तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतरे।
  • अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी हुई।
  • तेल बाजार पर तनाव का असर दिखा।

नई दिल्ली : Tehran Youm-e-Quds 2026 ईरान में ‘यौम-ए-कुद्स’ के मौके पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। तेहरान की सड़कों पर हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए और अमेरिका व इजरायल के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। यह प्रदर्शन हाल ही में ईरान पर हुए संयुक्त सैन्य हमलों और देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के विरोध में आयोजित किया गया था।

यौम-ए-कुद्स शोक के रूप में मनाया गया

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की पिछले महीने 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के एक संयुक्त हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी। middle east crisis  इस घटना के बाद से ही मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है। ‘यौम-ए-कुद्स’ इस वर्ष ईरान के लिए शोक और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में मनाया गया।प्रदर्शनकारियों ने ईरान पर लगातार हो रहे सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की और ‘अमेरिका-इजरायल युद्ध’ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। केवल ईरान ही नहीं, बल्कि भारत के जम्मू-कश्मीर के बड़गाम और लेह में भी हजारों लोग सड़कों पर उतरे और फिलिस्तीन के साथ एकजुटता और ईरान पर हुए हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया। लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में भी शुक्रवार की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।

दुनिया भर के बाजारों में असर

यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु और उसके बाद क्षेत्र में छिड़े इस संघर्ष ने वैश्विक राजनीति में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। फिलहाल ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई जारी है, जिससे दुनिया भर के बाजारों, विशेषकर कच्चे तेल की कीमतों पर गहरा असर पड़ रहा है।

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यौम-ए-कुद्स क्या है?

यह फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल के विरोध में ईरान में मनाया जाने वाला विशेष दिवस है।

तेहरान में प्रदर्शन क्यों हुआ?

बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सैन्य हालात के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे।

इसका असर किस पर पड़ सकता है?

वैश्विक राजनीति और कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।