(Vedanta Dividend Stock/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Vedanta Dividend Stocks: मेटल सेक्टर की बड़ी कंपनी वेदांता के शेयरों में मंगलवार को करीब 3% का उछाल देखने को मिला है। इस तेजी के पीछे कंपनी द्वारा डिविडेंड देने की घोषणा है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 11 रुपये के तीसरे अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है।
कंपनी ने सोमवार को अपने बोर्ड मीटिंग के बाद बताया कि उन्होंने 4300 करोड़ रुपये के डिविडेंड भुगतान को मंजूरी दे दी है। डिविडेंड पाने के हकदार निवेशकों की पात्रता तय करने के लिए वेदांता ने 28 मार्च को रिकॉर्ड डेट के रूप में निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि डिविडेंड पाने के लिए निवेशकों को 28 मार्च तक कंपनी के शेयरों का मालिक होना जरूरी है। 28 मार्च से पहले जिन निवेशक के पास वेदांता के शेयर होंगे, उन्हें ही डिविडेंड का लाभ मिलेगा।
वेदांता को डिविडेंड देने में महारत हासिल है। 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए यह कंपनी का तीसरा डिविडेंड है और इसके साथ ही इस वर्ष का कुल डिविडेंड 34 रुपये प्रति शेयर हो गया है। पिछले साल कंपनी ने जून में 7 रुपये और अगस्त में 16 रुपये का डिविडेंड दिया था। 23 जुलाई 2001 से अब तक वेदांता ने कुल 49 डिविडेंड भुगतान किए हैं। मौजूदा शेयर की कीमत के हिसाब से कंपनी का डिविडेंड यील्ड 3.5% से अधिक है, जो निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक है।
कंपनियां डिविडेंड के रूप में अपने मुनाफे को निवेशकों के साथ बांटती हैं। डिविडेंड देने से निवेशकों को यह महसूस होता है कि उनका पैसा सुरक्षित है और कंपनी मुनाफे में हिस्सेदारी दे रही है। निवेशक उन कंपनियों में निवेश करना पसंद करते हैं, जो नियमित रूप से डिविडेंड देती हैं, क्योंकि यह कंपनियों की आर्थिक मजबूती का संकेत होता है। डिविडेंड निवेशकों को लंबे समय तक कंपनी से जुड़ा रखता है, जिससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास और साझेदारी बनी रहती है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।