Cyber Frauds: सावधान! पोस्ट ऑफिस वाला मैसेज… केवल एक गलती और आपका बैंक अकाउंट साफ! ठगी के जाल से ऐसे बचे

Cyber Frauds: डिजिटल युग में सरकार साइबर अपराध रोकने के लिए नियम कड़े कर रही है, लेकिन ठग नए-नए चालाक तरीके अपनाकर लोगों को फंसाते हैं। तकनीक बढ़ी है, सावधानी भी जरूरी है, वरना एक क्लिक में नुकसान संभव है। सतर्क रहना ही अब सुरक्षा की कुंजी बन गया है।

Cyber Frauds: सावधान! पोस्ट ऑफिस वाला मैसेज… केवल एक गलती और आपका बैंक अकाउंट साफ! ठगी के जाल से ऐसे बचे

(Cyber Fraud/ Image Credit: Pexels)

Modified Date: February 20, 2026 / 05:35 pm IST
Published Date: February 20, 2026 5:34 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पोस्ट ऑफिस के नाम से आने वाले लिंक वाले मैसेज फर्जी हैं।
  • लिंक पर क्लिक करना आपके बैंक अकाउंट के लिए खतरा बन सकता है।
  • PIB Fact Check ने इन संदेशों की सच्चाई स्पष्ट की है।

Cyber Frauds News: आज के डिजिटल समय में जहां तकनीक ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, वहीं ठग भी नए-नए तरीके खोजकर लोगों को फंसाने में लगे हैं। सरकार साइबर अपराध रोकने के लिए लगातार नियम सख्त कर रही है। लेकिन ठग भी पीछे नहीं हैं। हाल ही में पोस्ट ऑफिस के नाम से भेजे जा रहे फर्जी मैसेज ने कई लोगों को परेशान कर दिया है। ये संदेश आम लोगों को उनके पते की जानकारी अपडेट करने के बहाने जाल में फंसाते हैं।

फर्जी पोस्ट ऑफिस संदेश का तरीका (Fake Post Office Message)

धोखेबाज खुद को इंडिया पोस्ट ऑफिस से जुड़ा दिखाकर एक संदेश भेजते हैं। इसमें लिखा होता है कि आपका पार्सल वेयरहाउस में पहुंच चुका है, लेकिन अधूरे पते की वजह से डिलीवरी नहीं हो सकी। साथ में एक लिंक दिया जाता है और कहा जाता है कि 48 घंटे के अंदर उस लिंक पर क्लिक करके पता अपडेट करें, नहीं तो पार्सल वापस भेज दिया जाएगा। यही वह जाल है, जिससे ठगी की शुरुआत होती है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है या बैंक खाते से पैसा गायब हो सकता है।

फैक्ट-चेक एजेंसी की चेतावनी (Government Warning)

सरकार की फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि पोस्ट ऑफिस कभी भी ऐसे लिंक वाले संदेश नहीं भेजता। ये सभी संदेश पूरी तरह फर्जी होते हैं और केवल लोगों को धोखा देने के लिए बनाए जाते हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। टेलीकॉम रेगुलेटर Telecom Regulatory Authority of India ने भी फर्जी संदेशों पर रोक लगाने के लिए नियम लागू किए हैं। अब सरकारी विभागों और बैंक या सर्विस से जुड़े संदेशों में अलग पहचान चिन्ह होते हैं।

सुरक्षित रहने के उपाय (Tips to Stay Safe)

खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज, ईमेल या व्हाट्सऐप लिंक पर क्लिक न करें। अनजान नंबर से आने वाली कॉल को नजरअंदाज करें और ऐसे मामलों की शिकायत आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर दर्ज कराएं। असली और वेरिफाइड संदेशों की पहचान करने के लिए उनके चिन्हों और फॉर्मेट को ध्यान से देखें। सतर्क रहकर ही आप डिजिटल दुनिया में ठगी से बच सकते हैं।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।