Smartphone Tips: क्या आपका फोन चोरी हो गया? घबराने की जरूरत नहीं! ये सीक्रेट टिप्स अपनाएं, पैसा और डेटा रहेंगे बिलकुल सुरक्षित
Smartphone Tips: आजकल स्मार्टफोन खो जाना सिर्फ फोन खोने जैसी बात नहीं है। यह आपके पैसे, पासवर्ड, फोटो और पूरी डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकता है। इसलिए तुरंत सुरक्षा कदम उठाना बहुत जरूरी है।
(Smartphone Tips/ Image Credit: Pexels)
- फोन चोरी - डिजिटल पहचान खतरे में।
- सिम कार्ड तुरंत ब्लॉक करें।
- बैंकिंग और UPI ऐप्स को सुरक्षित करें।
Smartphone Tips: आज के समय में स्मार्टफोन खो जाना केवल फोन गुम होने की बात नहीं है। इसमें आपकी पूरी डिजिटल पहचान खतरे में पड़ सकती है। फोन में कॉन्टैक्ट्स, फोटो, मैसेज, बैंकिंग ऐप्स, UPI, आधार और पैन जैसी संवेदनशील जानकारी मौजूद होती है। फोन चोरी होने पर सबसे बड़ा डर यही होता है कि कोई आपके पैसे या निजी डेटा का गलत इस्तेमाल न कर ले। लेकिन अगर तुरंत सही कदम उठाया जाए तो बड़ा नुकसान होने से बचा जा सकता है।
सिम कार्ड तुरंत ब्लॉक करें
फोन चोरी होते ही सबसे पहला कदम अपने मोबाइल नंबर का सिम बंद कराना है। इसके लिए अपने नेटवर्क ऑपरेटर जैसे Jio, Airtel, Vi या BSNL के कस्टमर केयर से संपर्क करें। सिम ब्लॉक होते ही कॉल, मैसेज और OTP रोक दिए जाएंगे। इससे ऑनलाइन फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
बैंक और UPI सेवाओं को सुरक्षित करें
सिम ब्लॉक होने के बाद अपने बैंक और UPI ऐप्स को सुरक्षित करना जरूरी है। अपने बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल करें और मोबाइल बैंकिंग व UPI सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दें। Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे वॉलेट ऐप्स को भी तुरंत ब्लॉक कराना सही रहता है।
फोन को रिमोटली लॉक या डेटा मिटाएं
अगर आपका फोन इंटरनेट से जुड़ा हुआ है, तो उसे दूर से लॉक करें या डेटा मिटाएं। iPhone यूजर्स Find My iPhone और Android यूजर्स Find My Device फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन टूल्स की मदद से फोन की लोकेशन देख सकते हैं, स्क्रीन पर मैसेज दिखा सकते हैं और डेटा पूरी तरह से डिलीट कर सकते हैं।
अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें
फोन चोरी होने के कुछ ही मिनटों में अपने सभी अहम अकाउंट्स के पासवर्ड बदलना जरूरी है। सबसे पहले ईमेल अकाउंट बदलें, फिर बैंकिंग, UPI, शॉपिंग ऐप्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड अपडेट करें। इससे कोई अनजान व्यक्ति आपके अकाउंट्स तक पहुंच नहीं बना पाएगा।
पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं
अंतिम कदम पुलिस में शिकायत दर्ज कराना है। अपने नजदीकी थाने में FIR दर्ज करें या ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्ट करें। फोन का IMEI नंबर भी दें ताकि जरूरत पड़ने पर डिवाइस ट्रैक या ब्लॉक किया जा सके। FIR होने से भविष्य में कानूनी प्रक्रिया या इंश्योरेंस क्लेम में भी मदद मिलती है।
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