फिरोजाबाद। जनपद न्यायालय की विशेष अदालत एमपी एमएलए अदालत ने मंगलवार को आठ साल पुराने एक मामले में केंद्रीय विधि राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल व साठ अन्य लोगों को बरी कर दिया । बघेल वर्तमान में आगरा से लोकसभा सदस्य हैं।
यह भी पढ़ें : ‘ये दुनिया मतलबी है’.. ज्वेलरी व्यापारी ने परिवार को खिलाया जहर फिर खुद भी कर ली आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी ये बात
बघेल के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मतगणना के बाद अक्षय यादव के सांसद बनने पर धांधली का आरोप लगाते हुए फिरोजाबाद के सुभाष चौराहे पर जुलूस निकालकर बघेल व उनके समर्थकों ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया और विरोध दर्ज कराया था।
यह भी पढ़ें : मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी महिला कांग्रेस, प्रदेश अध्यक्ष फूलो देवी नेताम ने ली बैठक, दिए ये निर्देश
इसमें न केवल धरना दिया गया था बल्कि पथराव आगजनी और अन्य प्रकार की हिंसा भी हुई थी। इसमें पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए की अदालत में प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल व साठ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
इस मामले की अंतिम सुनवाई 16 अप्रैल को हुई थी जिसके बाद इस बहुचर्चित मामले का फैसला आने का इंतजार था । उन्होंने बताया कि आज मंगलवार को विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए बघेल व साठ अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया । बघेल 2022 के उप्र विधानसभा चुनाव में करहल विधानसभा से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था ।
यह भी पढ़ें : सांसद का संवाद.. फिर मचा विवाद! खरगोन सांसद के संकल्प का क्या है सियानी मायने?