लखनऊ, 26 मार्च (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को पार्टी की पूर्व विधायक पूजा पाल पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें ‘गुमराह’ किया गया है।
इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सपा पर राजू पाल हत्याकांड के संबंध में ‘खून से सना इतिहास’ होने का आरोप लगाया।
पूजा पाल द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘धुरंधर’ बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को ‘‘अभी तक समझ नहीं पाई हैं।’’
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह इससे भी ज्यादा कड़े शब्द का इस्तेमाल कर सकती थीं।
यादव ने तंज भरे अंदाज में कहा, ‘वह (आदित्यनाथ) तो धुरंधर से भी ज्यादा धुरंधर हैं।’
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा, सपा के वरिष्ठ नेता श्यामलाल पाल की पार्टी में मौजूदगी से ‘चिंतित’ है। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी के पास पाल समुदाय का कोई ऐसा प्रमुख नेता नहीं है जो उनके कद का मुकाबला कर सके।
यादव ने लखनऊ में एक संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने हमारी पार्टी की विधायक पूजा पाल को गुमराह किया है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर क्या बीत रही होगी, जिन्होंने उन्हें चुनाव जिताने में मदद की थी। यह भी सोचने वाली बात है कि अब उनकी विधायक निधि का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा होगा।’’
इस बीच, भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
चौधरी ने कहा, ‘‘प्राथमिकी तो उस रक्तरंजित इतिहास पर होनी चाहिए, जिसमें पाल समाज के होनहार लाल स्वर्गीय राजू पाल की सरेआम हत्या करने वाले दरिंदों को समाजवादी पार्टी ने अपने सिर-आँखों पर बिठाया था।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का राजनीतिक चरित्र हमेशा से माफिया, अपराध और संरक्षणवाद की राजनीति से जुड़ा रहा है।
चौधरी ने कहा कि राजू पाल के हत्यारों को पालने-पोसने, उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने और माफिया से माननीय बनाने का ‘पाप’ समाजवादी पार्टी ने किया है। आज वही लोग गुमराह होने की बात कर रहे हैं, यह प्रदेश की जनता के साथ-साथ पाल समाज का भी अपमान है।
उन्होंने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि पाल समाज अब नकली समाजवादियों को पूरी तरह पहचान चुका है। वह अब तुष्टिकरण, भय, अपराध और परिवारवाद की राजनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि विकास, सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्रवाद की मुख्यधारा का सहभागी बन चुका है।’’
यह बयान कौशांबी जिले के चायल से सपा की पूर्व विधायक पूजा पाल को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच आया है।
पूजा पाल, बसपा के पूर्व विधायक राजू पाल की विधवा हैं। राजू पाल की 2005 में प्रयागराज में उनकी शादी के कुछ ही समय बाद गैंगस्टर-नेता अतीक अहमद के गुर्गों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पूजा पाल को पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर तारीफ किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था।
भाषा सलीम गोला
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