अखिलेश का योगी सरकार पर निशाना, कहा-देश में सबसे ज्यादा प्रश्नपत्र लीक उत्तर प्रदेश में हुए

अखिलेश का योगी सरकार पर निशाना, कहा-देश में सबसे ज्यादा प्रश्नपत्र लीक उत्तर प्रदेश में हुए

अखिलेश का योगी सरकार पर निशाना, कहा-देश में सबसे ज्यादा प्रश्नपत्र लीक उत्तर प्रदेश में हुए
Modified Date: September 20, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: September 20, 2026 4:22 pm IST

लखनऊ, 20 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए रविवार को दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा प्रश्नपत्र लीक उत्तर प्रदेश में हुए हैं।

इससे पहले रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा लिपिक संवर्ग में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर योगी ने कहा कि 2017 से पहले परीक्षाओं की शुचिता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते थे तथा प्रश्नपत्र लीक के मामले अलग से सामने आते थे।

योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ 2017 के बाद परीक्षा प्रक्रिया में शुचिता और सुधार का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई कि योग्य अभ्यर्थियों को हर हाल में अवसर मिले।

सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘देश में अगर प्रश्नपत्र लीक हुए हैं तो सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में लीक हुए हैं।’’

यादव ने राज्य में विकास के दावों को खोखला बताते हुए कहा, ‘‘निवेश आया ही नहीं। सपने तो दिखाए कि निवेश आएगा, उद्योग लगेगा, रोजगार बढ़ेंगे, लेकिन निवेश आया ही नहीं।’’

यादव ने कहा कि आज भी जमीनें खाली पड़ी हैं, किसानों से जमीन तो ले ली गई लेकिन प्रदेश के हर क्षेत्र में किसानों को न तो मुआवजा मिला और न ही सर्किल रेट बढ़ाया गया।

यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार न तो बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान करती है, न उनकी मूर्तियों का और न ही उनके अनुयायियों का।

यादव ने दावा किया, ‘‘भाजपा की सरकार में हर साल 15 से ज्यादा (आंबेडकर) मूर्तियां क्षतिग्रस्त की गई हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि राज्य के 72 जिलों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 151 मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है, जबकि इस मामले में केवल 14 गिरफ्तारियां हुई हैं।

भाषा आनन्द खारी

खारी


लेखक के बारे में