अखिलेश उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ‘सपा पीडीए रथ यात्रा’ निकालेंगे
अखिलेश उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ‘सपा पीडीए रथ यात्रा’ निकालेंगे
लखनऊ, 16 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के वास्ते जल्द ‘सपा पीडीए रथ यात्रा’ निकालेंगे।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने के मकसद से अखिलेश अगले कुछ महीनों में पूरे राज्य में ‘सपा पीडीए रथ यात्रा’ निकालने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह रथ यात्रा पार्टी के पीडीए गठबंधन फॉर्मूले को मजबूत करने पर केंद्रित होगी। इसकी शुरुआत सितंबर के पहले हफ्ते में होगी और यह राज्य के 75 जिलों के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा का मकसद जमीनी स्तर पर सीधे जनता से जुड़ना है।”
‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) सपा प्रमुख का गढ़ा सियासी शब्द है।
सपा सूत्रों के मुताबिक, इस रथ यात्रा के दौरान हाशिये पर मौजूद समुदायों की समस्याओं जैसे कि बेरोजगारी, स्थानीय प्रतिनिधित्व और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जन-विरोधी नीतियों को उजागर करने पर जोर दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, यात्रा में बड़ी जनसभाएं, छोटी बैठकें और सपा नेतृत्व तथा विभिन्न समुदायों के प्रमुखों के बीच सीधी बातचीत भी शामिल होगी, ताकि 2027 में सत्ताधारी भाजपा को चुनौती देने के लिए एक ठोस राजनीतिक खाका तैयार किया जा सके।
अखिलेश ने साल 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भी रथ यात्रा निकाली थी।
सूत्रों ने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने के लिए रथ यात्रा निकालने का यह फैसला 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन के बाद लिया गया है, जब पीडीए के नारे से उसे फायदा मिला था और उसने अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 37 सीट जीती थीं।
सूत्रों के मुताबिक, सपा का मकसद इस राज्यव्यापी यात्रा के जरिये उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अपने जनाधार को मजबूत करना है।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि रथ यात्रा की तैयारी की जा रही है और पार्टी ने आधी से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार भी लगभग तय कर लिए हैं।
रथ यात्राएं इससे पहले भी सपा के लिए प्रचार अभियान का महत्वपूर्ण माध्यम रही हैं।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश के नेतृत्व में चलाए गए ऐसे ही बड़े अभियान के बाद सपा को पूर्ण बहुमत मिला था और वह मुख्यमंत्री बने थे।
भाषा
अभिनव सलीम पारुल
पारुल

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