बिजनौर (उप्र), 13 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के अमानगढ़ बाघ अभयारण्य में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन की अवधि को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों को 30 जून तक जंगल सफारी करने और बाघ देखने का आनंद मिल सकेगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बिजनौर प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) जय सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिम कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के निकट स्थित इस अभयारण्य में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन सत्र पहले 15 जून को समाप्त होने वाला था। हालांकि, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने इस अवधि को 30 जून तक बढ़ा दिया है।
कुशवाहा ने कहा, ‘‘बाघ अभयारण्य 30 जून के बाद मानसून के मौसम के लिए बंद कर दिया जाएगा क्योंकि बारिश के दौरान जलभराव और अन्य चुनौतियों के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है।’’
डीएफओ ने कहा कि पर्यटन की अवधि बढ़ाने से वन्यजीव प्रेमियों को अभयारण्य का दौरा करने और बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के अधिक अवसर मिलेंगे।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में पहले पर्यावरण अनुकूल पर्यटन सत्र के दौरान 3,068 पर्यटकों ने अमानगढ़ बाघ अभयारण्य का दौरा किया, जबकि दूसरे सत्र में 6,500 पर्यटक आए। 2024-25 में तीसरे सत्र के दौरान कुल 3,104 पर्यटकों ने जंगल सफारी की।
अधिकारियों ने कहा कि तीन पर्यटन सत्रों में कुल मिलाकर 17 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में फैला अमानगढ़ बाघ अभयारण्य, कॉर्बेट बाघ निवास स्थान से जुड़ा हुआ है और वन्यजीव पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरा है।
भाषा सं जफर गोला
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