Ayodhya Mandir Land Scam: अयोध्या में मंदिर की करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश, रामनगरी में संतों के फर्जी हस्ताक्षर.. कोर्ट की जांच में खुलासे से मचा हड़कंप, अब 7 पर FIR का आदेश
Ayodhya Mandir Land Scam: अयोध्या में मंदिर की करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश, रामनगरी में संतों के फर्जी हस्ताक्षर.. कोर्ट की जांच में खुलासे से मचा हड़कंप, अब 7 पर FIR का आदेश
Ayodhya Mandir Land Scam/Image Source: IBC24
- रामनगरी में बड़ा खुलासा
- अयोध्या में मंदिर माफिया बेनकाब
- कोर्ट ने 7 पर FIR का दिया आदेश
अयोध्या: Ayodhya Mandir Land Scam: रामनगरी अयोध्या में मंदिरों और मठों की बेशकीमती ज़मीन पर अवैध कब्ज़ों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में अयोध्या जिला न्यायालय में लंबित एक प्रकरण में बड़ा खुलासा हुआ है, जहाँ कूटरचित दस्तावेज़ों के ज़रिए करोड़ों की मंदिर संपत्ति हड़पने की साज़िश का मामला उजागर हुआ है।
मंदिर की आड़ में ज़मीन घोटाला! (Janaki Nivas Temple Case)
Ayodhya Mandir Land Scam: यह मामला अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के प्रमोद वन इलाके में स्थित जानकी निवास मंदिर से जुड़ा हुआ है। न्यायालय की जांच में स्पष्ट हुआ कि मंदिर की संपत्ति पर कब्ज़ा करने की नीयत से फर्जी महज्जरनामा तैयार किया गया था, जिसमें अयोध्या के प्रतिष्ठित संतों के जाली हस्ताक्षर किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास के हस्ताक्षर भी दस्तावेज़ों में फर्जी तरीके से दर्शाए गए थे। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट में इन हस्ताक्षरों को पूरी तरह जाली बताया गया है।
हैंडराइटिंग एक्सपर्ट रिपोर्ट से खुली साजिश (Ayodhya Court News)
Ayodhya Mandir Land Scam: मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि कूटरचित दस्तावेज़ों के माध्यम से मंदिर की बेशकीमती संपत्ति पर अवैध कब्ज़ा करने का प्रयास किया गया। इस संबंध में महंत कमलनयन दास ने बताया कि जानकी निवास मंदिर के महंत निमिया बाबा के निधन के बाद वैष्णव परंपरा के अनुसार मदन मोहन दास को मंदिर का महंत नियुक्त किया गया था। वर्तमान में मदन मोहन दास विधिवत रूप से मंदिर की परंपराओं और व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं।
वहीं मदन मोहन दास की अधिवक्ता नेहा श्रीवास्तव ने बताया कि इसी बीच रामकुमार नामक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर कूटरचित हस्ताक्षरों के सहारे महज्जरनामा बनाया और मंदिर संपत्ति पर कब्ज़े की साज़िश रची। न्यायालय की जांच और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट से पूरा मामला फर्जी दस्तावेज़ों और जाली हस्ताक्षरों का साबित हो गया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना में जुटी हुई है।

Facebook


