Ayodhya Ram Mandir Donation Scam SIT Report : सोमवार को आएगी राम मंदिर घोटाले की 70 पन्नों की ‘सीक्रेट’ SIT रिपोर्ट! चंपत राय और अनिल मिश्र समेत 3 दिग्गजों की गिरफ्तारी की तैयारी?

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अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही SIT अपनी प्राथमिक रिपोर्ट जल्द सौंप सकती है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जाने की चर्चा है, जिसके बाद बड़े प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

  • Reported By: Apurva Pathak

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  • Publish Date - June 21, 2026 / 11:36 AM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 11:38 AM IST

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam SIT Report / IMAGE SOURCE : screengrab

HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार
  • ट्रस्ट के तीन वरिष्ठ सदस्यों के नाम रिपोर्ट में होने की चर्चा
  • भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतों को नजरअंदाज करने के आरोप

अयोध्या: Ayodhya Ram Mandir Donation Scam SIT Report :  अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। मंदिर के चढ़ावे में करीब 5 से 7 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के आरोपों की जाँच कर रही विशेष जांच दल (SIT) अपनी प्राथमिक रिपोर्ट आगामी सोमवार को सौंप सकती है। लगभग 70 से ज्यादा पन्नों की इस रिपोर्ट के आधार पर राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तीन बड़े और रसूखदार सदस्यों पर बड़ी गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।

इन लोगों पर हो सकती है गंभीर कार्रवाई

SIT जांच की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्र और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खिलाफ गंभीर कार्रवाई हो सकती है। Missing Gold Silver Gems Ayodhya मुख्यमंत्री को यह रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद चंदा गबन में संलिप्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। इसके अलावा, मंदिर की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

शिकायतकर्ताओं को किया साइडलाइन

Ram Mandir Trust Corruption Enquiry रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी के अस्वस्थ रहने के कारण चंपत राय के पास बड़ी जिम्मेदारियां थीं। इस दौरान पूर्व चंदा प्रभारी इंजीनियर दीनानाथ वर्मा और पूर्व कर्मचारी महिपाल जी ने निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत की थी, लेकिन चंपत राय ने कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही साइडलाइन कर दिया। ट्रस्ट पर जमीन अधिग्रहण, कार्यालय निर्माण, प्रसाद वितरण और गुप्त दान में मिले कीमती आभूषण व रत्न गायब होने के आरोपों पर आंखें मूंदकर काम करने का आरोप है।

अब किसको मिलेगी ज़िम्मेदारी ?

इस बड़े खुलासे के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में भारी फेरबदल होने के आसार हैं। सूत्रों की मानें तो ट्रस्ट की कमान अब किसी वरिष्ठ रिटायर्ड आईएएस (IAS) अधिकारी को मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के रूप में सौंपी जा सकती है।

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