जौनपुर: Brother-Sister Become Husban-Wife आधुनिकता के इस दौर में रिश्तों की मर्यादा तेजी से खत्म होते जा रही है। लोग करीबी रिश्तों में भी संबंध बनाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। देखा जाए तो बीते कुछ ही दिनों में भारत में एक्सट्रा मैरिटल अफेयर के मामले तेजी से बढ़े हैं। लेकिन इस बीच भाई बहन की शादी का मामला सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। मामले का खुलासा तब हुआ जब युवक-युवती की चाची ने प्रशासन को इस बात की जानकारी दी।
Brother-Sister Become Husban-Wife मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में जौनपुर में 1001 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिरकत की थी और जोड़ों को आशीर्वाद दिया था। लेकिन इस दौरान प्रशासन की टीम की लापरवाही के चलते भाई-बहन की शादी हो गई। इस मामले को लेकर जब परिवार से पूछा गया तो भाई ने बताया कि वह शौक के चलते साफा पहनकर दीदी के साथ सामूहिक विवाह समारोह में बैठ गया था।
समाज कल्याण विभाग से कई बार सामूहिक विवाह की लिस्ट मांगी गई लेकिन विभाग द्वारा इसकी लिस्ट सार्वजनिक नहीं की गई। जौनपुर के प्रभारी मंत्री एके शर्मा के सामने जब सामूहिक विवाह में धांधली को लेकर सवाल किया गया तो जिला प्रशासन की नींद टूट गई है। बीच में रोकते हुए जिलाधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि सामूहिक विवाह में धांधली का मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद उन्हें मिलने वाली सहायता धनराशि रोक दी जाएगी।
जौनपुर में हाल ही में आयोजित एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान एक भाई और बहन की शादी हो गई। प्रशासन की लापरवाही के कारण यह घटना हुई, जब युवक ने शौक के चलते अपने बहन के साथ विवाह समारोह में बैठकर शादी की प्रक्रिया में भाग लिया।
सामूहिक विवाह में धांधली का मामला कब सामने आया?
यह मामला तब सामने आया जब युवक-युवती की चाची ने प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद जांच शुरू की गई और जौनपुर के प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने भी इस मामले पर सवाल उठाए।
प्रशासन ने इस मामले पर क्या कदम उठाया?
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है और जांच के बाद सामूहिक विवाह में धांधली करने वालों को मिलने वाली सहायता धनराशि को रोका जाएगा।
सामूहिक विवाह में अन्य कौन से जोड़े शामिल थे?
सामूहिक विवाह में 1001 जोड़े शामिल हुए थे, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की और जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
समाज कल्याण विभाग ने सामूहिक विवाह की लिस्ट क्यों नहीं सार्वजनिक की?
समाज कल्याण विभाग द्वारा सामूहिक विवाह की लिस्ट कई बार मांगी गई, लेकिन विभाग ने इसे सार्वजनिक नहीं किया, जिससे इस धांधली का मौका मिला।