Mayawati on UPI Transaction Charges: मायावती ने जताई मोदी सरकार के खिलाफ नाराजगी.. योगी सरकार के लिए कही “अच्छी बात”.. देखें बसपा सुप्रीमो का यह Tweet

बसपा सुप्रीमो मायावती ने UPI लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से अंततः आम लोगों का खर्च बढ़ सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश में करीब 14,500 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने के योगी सरकार के फैसले को उन्होंने अच्छी बात बताया, लेकिन स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं पहले सुनिश्चित करने की बात कही।

Mayawati on UPI Transaction Charges: मायावती ने जताई मोदी सरकार के खिलाफ नाराजगी.. योगी सरकार के लिए कही “अच्छी बात”.. देखें बसपा सुप्रीमो का यह Tweet

Mayawati Statement on UPI Transaction Charges || Image- ANI News File

Modified Date: September 18, 2026 / 09:36 am IST
Published Date: September 18, 2026 9:21 am IST
HIGHLIGHTS
  • मायावती ने UPI शुल्क व्यवस्था पर जताई नाराजगी
  • 15 अक्टूबर से नई शुल्क व्यवस्था लागू होगी
  • स्मार्ट स्कूल फैसले को बताया अच्छी बात

Mayawati Statement on UPI Transaction Charges: लखनऊ: केंद्र की मोदी सरकार ने UPI लेनदेन को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल एनपीसीआई ने 15 सितंबर को घोषित नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने का फैसला किया है। वहीं, 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये होगा। हालांकि, 2,000 रुपये तक के व्यापारी लेनदेन और दो व्यक्तियों के बीच होने वाले यूपीआई भुगतान पर शुल्क नहीं लगेगा।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

विपक्ष के निशाने पर केंद्र की सरकार

इस फैसले के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि, “मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।”

‘एक्स’ पर उन्होंने आगे लिखा है, “सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से। अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है। US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।”

Mayawati Statement on UPI Transaction Charges: इसी तरह यूपी के पूर्व सीएम और सपा के राष्ट्रीय प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा है कि, “भाजपा दूसरों की कमाई से कमाने के चक्कर में UPI से भुगतान करने पर भी पैसे वसूलने का काम करनेवाली है, ट्रिलियन डॉलर की इकोनॅामी क्या ऐसे बनेगी? पेमेंट गेटवे से भी पैसा ऐंठनेवाली भाजपा ‘चुंगीजीवी’ बन गई है।”

क्या है मायावती की इस फैसले पर राय?

बहरहाल इस पूरे प्रकरण पर अब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी आज ट्वीट करते हुए अपनी असहमति जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि, “यूपीआई डिजिटल लेनदेन को पहले ख़ूब बढ़ावा देने के बाद अब सरकार द्वारा उस लेनदेन पर शुल्क वसूलने की नई व्यवस्था लोगों की नज़र में प्रथमदृष्टया मुनाफाख़ोरी के पूंजीवादी रवैये के तहत जनता से दोनों हाथों से टैक्स वसूली है, जिससे जनता में बेचैनी व आक्रोश स्वाभाविक है।”

मायावती ने लिखा, “वैसे तो जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की इस व्यवस्था को ’कर’ मानने को तैयार नहीं है, किन्तु दिनांक 15 अक्तूबर से लागू हाने वाली इस व्यवस्था को चाहे जो भी नाम दिया जाये जेब तो अन्ततः आमजनता की ही कटेगी, उसका ही ख़र्च बढ़ेगा।

साथ ही, यह भी सर्वविदित है कि देश की बहुसंख्यक जनता अपार ग़रीबी व ज़बरदस्त महंगाई आदि की मार से त्रस्त है व उनके बच्चे अशिक्षा, बेरोज़गारी व अव्यवस्था आदि से पीड़ित हैं, ऐसे में सरकार की नीति व कार्ययोजना लाभ कमाने वाली व्यावसायिक कम व कल्याणकारी ज़्यादा हो तो यह उचित होगा। जनता की तंगी, दुख-तकलीफ की अगर सरकार चिन्ता नहीं करेगी तो फिर कौन करेगा?

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

योगी सरकार के निर्णय को सराहा

Mayawati Statement on UPI Transaction Charges: बहन मायावती ने योगी सरकार के फैसले पर ट्वीट किया और लिखा, “यूपी सरकार द्वारा करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के कीरब 14,500 स्कूलों को ’स्मार्ट स्कूल’ बनाने की घोषणा अच्छी बात है, लेकिन बच्चों को कथित ’स्मार्ट पढ़ाई’ से पहले उन्हें बुनियादी शिक्षा आदि की ज़रूरतें अर्थात स्कूली बच्चों के सर पर छत, उनके लिये बेंच, कुर्सी, किताब, शौचालय, मैदान, साफ-सफाई आदि की सही व्यवस्था पूरी की जायें और यह सब प्रति स्कूल क़रीब दो लाख रुपये में क्या संभव हो पायेगा, इस पर भी सरकार सहानुभूतिपूर्वक ज़रूर विचार करे।”

इन्हें भी पढ़ें:

पाकिस्तान मक्का समझौते के तहत अपने दायित्व निभाने के लिए तैयार: ख्वाजा आसिफ

एशियाड महिला क्रिकेट : बांग्लादेश खेले बिना सेमीफाइनल में, पाकिस्तान ने थाईलैंड को हराया

मुंबई: संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण बाघिन ‘बिजली’ की मौत

टाटा संस के निदेशक मंडल ने चंद्रशेखरन को फिर चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया

भारत को यूरोपीय संघ से 28 लाख टन इस्पात निर्यात का कोटा मिला : अधिकारी


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown