हमीरपुर पुल हादसे की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए योगी सरकार: कांग्रेस

हमीरपुर पुल हादसे की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए योगी सरकार: कांग्रेस

हमीरपुर पुल हादसे की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए योगी सरकार: कांग्रेस
Modified Date: June 1, 2026 / 11:41 pm IST
Published Date: June 1, 2026 11:41 pm IST

लखनऊ, एक जून (भाषा) उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने की घटना को प्रदेश सरकार की निर्माण व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और श्रमिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की।

अजय राय ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

राय ने कहा कि इस घटना में प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार से इनकार नहीं किया जा सकता।

हमीरपुर में परसानी और कंदौर गांवों के बीच बन रहे पुल का कंक्रीट का एक स्लैब 29 मई की सुबह तेज आंधी के दौरान गिर गया था।

पुलिस ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ कथित लापरवाही का मामला दर्ज किया है, जबकि एक सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया।

बयान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के नेतृत्व में दुर्घटनास्थल का दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हादसे से जुड़े कई गंभीर सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि प्रभावित लोगों और मृतकों का सही आंकड़ा अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

उन्होंने बताया कि कुछ मजदूरों के मोबाइल फोन घटना के बाद से बंद हैं, जिससे उनके परिजनों में चिंता और असमंजस की स्थिति है।

बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि दुर्घटनास्थल पर मलबे के आसपास दुर्गंध थी।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि मलबे के नीचे अब भी कुछ श्रमिक दबे हो सकते हैं।

कांग्रेस ने व्यापक तकनीकी सर्वेक्षण और स्वतंत्र सत्यापन कराये जाने की मांग की ताकि किसी भी मानवीय क्षति को छिपाया न जा सके।

कांग्रेस ने कहा कि लगभग 92.52 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल अचानक ध्वस्त हो जाना सामान्य दुर्घटना नहीं माना जा सकता।

राय ने मृतकों के आश्रितों को पर्याप्त आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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