गोरखपुर (उप्र), 30 जुलाई (भाषा) गोरखपुर जिले में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार एक पुलिस कांस्टेबल को बृहस्पतिवार को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की।
पुलिस सत्रों ने बताया कि आरोपी अभिषेक यादव (35) गोरखपुर में डायल 112 में तैनात था और उस पर गत 29 जुलाई को एक बच्ची को अगवा करने के बाद उसकी हत्या करने का आरोप है।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस यादव को दोपहर में अस्पताल ले गई थी और उसे देखते ही, अस्पताल के नाराज कर्मचारियों ने उसका पीछा किया और उसे पीटा, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया और उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार, बच्ची हाल में जिला अस्पताल में उपचाराधीन अपनी बड़ी बहन को खाना देने गई थी। उसने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में वर्दी पहने सिपाही अभिषेक यादव को अस्पताल के बाहर बच्ची के पास जाते, उससे बात करते और उसे अपनी मोटरसाइकिल पर ले जाते हुए देखा गया।
सूत्रों ने बताया कि कांस्टेबल ने कथित तौर पर बच्ची को घर छोड़ने के बहाने अगवा किया और उसे लगभग 15 किलोमीटर दूर एक श्मशान घाट ले गया।
पुलिस को शक है कि हत्या से पहले उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया होगा।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी की निशानदेही पर बृहस्पतिवार सुबह एक नदी से बच्ची का शव बरामद किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कौस्तुभ ने बताया कि जांच के दौरान 200 से अधिक सीसीटीवी क्लिप की जांच की गई।
उन्होंने बताया कि 2018 बैच के कांस्टेबल यादव ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने उसे नौकरी से बर्खास्त करने की सिफारिश की है और कहा है कि उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कौस्तुभ ने बताया कि यादव को पहले भी पश्चिम बंगाल की एक महिला के साथ छेड़छाड़ के मामले में निलंबित किया गया था, और जेल भेजा गया था, लेकिन उसी साल बाद में उसे बहाल कर दिया गया था।
भाषा सं. सलीम शफीक
शफीक