लखनऊ, 22 मई (भाषा) करीब दो वर्षों से लापता मूक-बधिर बालक को राजकीय बालगृह (बालक) मोहान रोड, लखनऊ के प्रयासों से उसके परिवार से मिलवाया गया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को जब बालक को पश्चिम बंगाल से आए परिजनों को सौंपा गया तो उन्होंने भावुक होकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का आभार जताया।
बाल कल्याण समिति, मेरठ के आदेश पर 12 सितंबर 2025 को करीब 13 वर्षीय मूक-बधिर बालक रमजान को राजकीय बालगृह, मोहान रोड में प्रवेश दिलाया गया था। बालक बोल-सुन नहीं सकता था इसलिए अपना नाम, पता या परिवार की जानकारी देने में असमर्थ था। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बालगृह प्रशासन ने उसकी पहचान जानने के प्रयास जारी रखे। देखभाल के साथ-साथ तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर पहचान के लिए काम किया गया।
बालक का आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के दौरान स्कैन मशीन पर उंगलियों के निशान देने से पूर्व में बने आधार का विवरण सामने आ गया। इससे बालक का पता पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के ग्राम गंगासार का मिला। बालगृह प्रशासन ने तुरंत संबंधित क्षेत्र में संपर्क कर परिवार तक सूचना पहुंचायी।
रमजान करीब दो साल से लापता था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। इस प्रक्रिया में उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी एवं उप निदेशक मेरठ मंडल पुनीत मिश्रा का विशेष सहयोग रहा।
महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि योगी सरकार बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मूक-बधिर बालक की पहचान आसान नहीं थी, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास किए। आधुनिक तकनीक और आधार की मदद से बालक को परिवार तक पहुंचाना संभव हुआ। यह सिर्फ प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन और मानवता की मिसाल है।’’
भाषा आनन्द गोला
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