राष्ट्रपति चुनाव में अखिलेश और शिवपाल के बीच फिर बढ़ी दूरी

राष्ट्रपति चुनाव में अखिलेश और शिवपाल के बीच फिर बढ़ी दूरी

राष्ट्रपति चुनाव में अखिलेश और शिवपाल के बीच फिर बढ़ी दूरी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: July 18, 2022 8:09 pm IST

लखनऊ, 18 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सोमवार को विधानसभा में मतदान करने पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव पर आरोप लगाया कि वह यशवंत सिन्हा पर पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव को आईएसआई का एजेंट कहने का आरोप लगाकर भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष व सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को अपने भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पत्र लिखकर कहा था कि सपा ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है, जिसने नेता जी का अपमान किया था।

शिवपाल ने नेताजी को प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि जिसने उनके रक्षा मंत्रित्व काल में उन्हें पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आईएसआई का एजेंट बताया था, उसका समर्थन करना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

शिवपाल ने विपक्षी उम्मीदवार को वोट देने से इनकार करते हुए कहा था कि हम नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।

चाचा-भतीजे के बीच विधानसभा चुनाव के बाद से फिर शुरू हुए झगड़े में राष्ट्रपति का चुनाव एक बार फिर नये पड़ाव के रूप में सामने आया है।

अखिलेश जहां संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का समर्थन कर रहे हैं, वहीं सपा के टिकट पर विधायक चुने गए शिवपाल सिंह यादव ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।

उत्तर प्रदेश विधान भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘दिल्ली से (भाजपा द्वारा) एक ‘इशारा’ हुआ, जिसके बाद एक उप मुख्यमंत्री ने एक अखबार के पुराने लेख को ट्वीट किया (जिसमें यशवंत सिन्हा की मुलायम सिंह यादव पर ‘आईएसआई एजेंट’ टिप्पणी को उजागर किया गया था) और फिर इसे प्रसारित किया गया था।’

अखिलेश ने कहा कि सपा और नेताजी के बारे में भाजपा की समय समय पर भाषा क्या रही है, ये किसी से छिपा नहीं है।

सपा प्रमुख ने कहा, ”अभी चुनाव गुजरा है, चाचा को याद रखना चाहिए कि भाजपा की भाषा क्या थी, समाजवादियों के प्रति भाजपा की भाषा हमेशा खराब रही है।”

राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के लिए विधानसभा में आए शिवपाल सिंह यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘एक पक्का समाजवादी और नेताजी के कट्टर अनुयायी कभी भी किसी को भी उन्हें आईएसआई एजेंट करार देते हुए बर्दाश्त नहीं करेंगे, और कभी भी इस तरह का बयान देने वाले व्यक्ति को वोट नहीं देंगे।”

उन्होंने कहा कि नेताजी के आदर्शों पर चलने वाले लोग नेताजी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का कभी समर्थन नहीं करेंगे।

शिवपाल ने कहा कि नेता जी के रक्षा मंत्री रहते हुए पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन तब नेताजी ने कहा था कि यदि युद्ध हुआ तो यह भारत की धरती पर नहीं बल्कि दुश्मन की धरती पर लड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि लोकसभा सांसद के रूप में नेताजी ने हमेशा सरकार से आतंकवाद को खत्म करने का आग्रह किया था और कहा था कि वह (ऐसा करने में) समर्थन देंगे।

अखिलेश और शिवपाल के बीच तनातनी के बीच सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने संसद में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया। मुलायम सिंह यादव मैनपुरी लोकसभा सीट से सांसद हैं। बीमार समाजवादी नेता राष्ट्रीय राजधानी में अपने वोट का प्रयोग करने के लिए व्हीलचेयर पर गये थे।

हालांकि, यह पता नहीं चल सका कि सपा संस्थापक ने देश के शीर्ष संवैधानिक पद के लिए मतदान में किसे वोट दिया।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद अपनी अलग पार्टी बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में नजदीकी हुई, लेकिन विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों के बीच दूरी बढ़ने लगी।

मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल ने आजम खान के मामले में सपा प्रमुख अखिलेश के नेतृत्व और कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। अखिलेश ने भी भाजपा के इशारे पर काम करने के लिए अपने चाचा पर निशाना साधा।

भाषा अरुनव आनन्द

संतोष

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