गन्ने के खेत में मिले कंकाल की पहचान के लिए एक लापता महिला की मां का डीएनए नमूना लिया गया
गन्ने के खेत में मिले कंकाल की पहचान के लिए एक लापता महिला की मां का डीएनए नमूना लिया गया
देवरिया (उत्तर प्रदेश), 24 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गन्ने के खेत से मिले संदिग्ध मानव कंकाल के अवशेषों की पहचान के लिए पुलिस ने करीब एक महीने से लापता एक महिला की मां के डीएनए नमूने लिए।
पुलिस ने बताया कि नौ दिन पहले बैंकटा थाना क्षेत्र के सुंदरपुर मिश्रौली गांव में एक खोपड़ी और कुछ हड्डियां मिली थीं।
पुलिस ने कहा कि डीएनए नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं, रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि ये अवशेष लापता महिला के हैं या किसी और के।
जांच अधिकारियों ने बताया कि मामला अभी भी रहस्य बना हुआ है, क्योंकि कई बार तलाशी अभियान चलाने के बाद भी शरीर के बाकी हिस्सों का पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने कंकाल के अवशेषों की पोस्टमार्टम जांच भी कराई है और मृतक की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि मौत की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सके और संभावित आरोपियों की पहचान की जा सके।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने जुटाए थे, जबकि प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई थी। हालांकि, गन्ने के खेत और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी के बावजूद मानव शरीर के अन्य हिस्से या कोई अन्य महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिला।
जांच अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या सबूत मिटाने के लिए शरीर के अन्य हिस्सों को हटा दिया गया था या लंबे समय तक खुले में पड़े रहने के कारण उन्हें जंगली जानवरों ने इधर-उधर कर दिया।
पुलिस ने बताया कि हत्या, दुर्घटना या अन्य परिस्थितियों समेत सभी पहलुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है।
सुंदरपुर मिश्रौली गांव में गन्ने के खेत से 16 जुलाई को कंकाल के अवशेष बरामद हुए थे, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने भी घटनास्थल का दौरा किया था।
पुलिस ने बताया कि इसी गांव की एक महिला 26 जून से लापता है, इसलिए इस पहलू की भी जांच की जा रही है। लापता महिला के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई है।
पुलिस घटनास्थल से मिली साड़ी और मोबाइल फोन की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
भाटपार रानी के क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि इस समय किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा, “डीएनए, फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।”
भाषा सं आनन्द रवि कांत जोहेब
जोहेब

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