अदालती कार्यवाही के बारे में सोशल मीडिया पर झूठे दावे करने के लिए छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी

अदालती कार्यवाही के बारे में सोशल मीडिया पर झूठे दावे करने के लिए छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी

अदालती कार्यवाही के बारे में सोशल मीडिया पर झूठे दावे करने के लिए छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
Modified Date: September 18, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: September 18, 2026 9:58 pm IST

मुजफ्फरनगर (यूपी), 18 सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की कार्यवाही के बारे में कथित तौर पर झूठे और भ्रामक दावे करने के आरोप में छह सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

शामली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एन. पी. सिंह ने बताया कि नगर कोतवाली थाने में ‘कारी शमा अजीज’, ‘निकहत अली’, ‘द मुस्लिम’, ‘वसीम अकरम त्यागी’, ‘सैयद कैफ हसन’ और ‘नदीम साई’ नामों से संचालित सोशल अकाउंट के उपयोगकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि इन खातों से पोस्ट की गई थी कि उच्च न्यायालय ने शामली के 31 वर्षीय व्यक्ति आयुष मलिक की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान शामली पुलिस को फटकार लगाई थी।

सिंह ने कहा, ‘अदालत ने शामली पुलिस के खिलाफ कभी ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की।’

मलिक ने अपने दोस्त सुल्तान के ज़रिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। महिला ने आरोप लगाया गया था कि उसके पिता ने इस्लाम धर्म अपनाने और एक मुस्लिम महिला से शादी करने के बाद उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा था।

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि मलिक को उसके समक्ष पेश किया जाए। शामली पुलिस ने मलिक को अदालत के समक्ष पेश किया, जहां उसका बयान दर्ज किया गया।

मलिक ने अपनी याचिका में कहा था कि उसने बिना किसी दबाव, अनुचित प्रभाव या प्रलोभन के स्वेच्छा से हिंदू धर्म त्यागकर इस्लाम अपनाया और अपने पिता की इच्छा के खिलाफ चांदनी कुरैशी से शादी की।

नौ सितंबर के एक आदेश में, उच्च न्यायालय ने पाया कि दस्तावेज प्रथम दृष्टया संकेत देते हैं कि मलिक ने स्वेच्छा से इस्लाम अपनाया और कुरैशी से शादी की। भाषा सं जफर जोहेब

जोहेब


लेखक के बारे में