Barabanki Sex Racket: सेक्स रैकेट चलाने वाली महिला निकली HIV पॉजिटिव! पूरे शहर में मचा हड़कंप, संपर्क में आए लोगों की तलाशी शुरू
सेक्स रैकेट चलाने वाली महिला निकली HIV पॉजिटिव! पूरे शहर में मचा हड़कंप, Barabanki Sex Racket HIV Positive
बाराबंकी। Barabanki Sex Racket: नगर कोतवाली क्षेत्र के पैसार स्थित सिद्धार्थनगर मोहल्ले में कथित सेक्स रैकेट के मामले में गिरफ्तार की गई तीन महिलाओं में से मुख्य सरगना एचआईवी संक्रमित पाई गई है। महिला के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल बढ़ गई है। विभाग अब उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच कराने की तैयारी में जुटा है। संक्रमित महिला को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लखनऊ के एआरटी सेंटर से लिंक कराया गया है।
Barabanki Sex Racket: जानकारी के मुताबिक, नगर कोतवाली पुलिस ने पैसार के सिद्धार्थनगर मोहल्ले में एक चार मंजिला मकान पर छापा मारकर कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लिया गया था। बाद में तीनों महिलाओं को जिला कारागार भेजा गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव टंडन ने जिला कारागार अधीक्षक को पत्र भेजकर बंदियों की एचआईवी, टीबी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी व सी की जांच कराने में सहयोग मांगा था। जेल प्रशासन की अनुमति के बाद आईसीटीसी फतेहपुर की टीम ने 24 से 27 अगस्त तक शिविर लगाकर बंदियों की जांच की। जांच के दौरान चार बंदियों में टीबी संक्रमण मिला, जबकि कथित सेक्स रैकेट की मुख्य सरगना महिला एचआईवी संक्रमित पाई गई। टीबी से संक्रमित मरीजों को निक्षय पोर्टल से लिंक कर टीबी अस्पताल में उपचार शुरू कराया गया है। वहीं एचआईवी संक्रमित महिला को मेडिकल कॉलेज लखनऊ स्थित एआरटी सेंटर से जोड़कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
संपर्क में आए लोगों की जुटाई जा रही जानकारी
स्वास्थ्य विभाग अब संक्रमित महिला के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित लोगों की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी जांच कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। महिला की काउंसलिंग भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एचआईवी संक्रमण की जानकारी सामने आने के बाद घबराने के बजाय आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। संक्रमित महिला का उपचार शुरू कर दिया गया है और संपर्क में आए संभावित लोगों की पहचान कर उन्हें जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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