गोरखपुर, 12 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार सुबह स्कूल बस का इंतजार कर रहे पहली कक्षा के पांच वर्षीय छात्र की उसकी मां के सामने ही बस की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बस में तोड़फोड़ की और प्रदर्शन किया।
चौरी-चौरा के क्षेत्राधिकारी (सीओ) कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे की मां की शिकायत पर बस चालक, एक शिक्षक और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान नैया पार बुजुर्ग गांव निवासी हिमांशु (पांच) के रूप में हुई है और वह चौरी स्थित एसडी पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा का छात्र था।
परिजनों के मुताबिक, हिमांशु अपनी मां सोनी के साथ घर के बाहर स्कूल बस का इंतजार कर रहा था और इस दौरान तेज रफ्तार बस ने उसे कुचल दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बस का पीछा किया और घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर वाहन को रोक लिया लेकिन चालक मौके से फरार हो गया।
इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बस की खिड़कियां तोड़ दीं।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने एक शिक्षक को भी रोक लिया था।
हादसे के बाद बच्चे को तत्काल पिपराइच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ज्ञान प्रताप सिंह, तहसीलदार भागीरथी सिंह और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद स्थिति शांत हुई।
परिवार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
इस संबंध में परिजनों ने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
स्कूल प्रबंधक सुनील चौहान ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि स्कूल पीड़ित परिवार के साथ है।
उन्होंने दावा किया कि बच्चा अचानक बस की ओर दौड़ा और चालक उसे देख नहीं पाया।
क्षेत्राधिकारी कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि हिमांशु की मां की शिकायत पर बस चालक मनोज, शिक्षक रानी मिश्रा और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र