भदोही (उप्र), 18 मई (भाषा) आगरा जेल में बंद पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी और विधान परिषद की पूर्व सदस्य राम लली मिश्रा को संपत्ति हड़पने के मामले में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद रविवार को भदोही जेल से लखनऊ के नारी निकेतन महिला बंदी गृह में स्थानांतरित कर दिया गया। जेल के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
भदोही जिला जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर सात साल से अधिक सजा वाली महिला बंदियों को नारी निकेतन भेजा जाता है। इसी क्रम में शासन के निर्देश पर राम लली मिश्रा को लखनऊ स्थानांतरित किया गया।
भदोही की सांसद एवं विधायक अदालत की न्यायाधीश पुष्पा सिंह ने 15 मई को फैसले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी राम लली और बेटे विष्णु मिश्रा को रिश्तेदार की चल-अचल संपत्ति हड़पने, फर्म पर कब्जा करने और फर्जी वसीयत बनाकर सब कुछ बेटे के नाम करने के मामले में 10-10 साल कैद की सजा सुनाई। वहीं पुत्रवधू रूपा मिश्रा को चार साल की सजा सुनाई गई।
अभिषेक सिंह के अनुसार, सजा सुनाए जाने के बाद 15 मई की शाम राम लली और रूपा मिश्रा को भदोही जेल लाया गया था। रविवार को राम लली को कड़ी सुरक्षा में लखनऊ भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव त्यागी ने बताया कि यह मामला कृष्ण मोहन तिवारी की शिकायत पर चार अगस्त 2020 को गोपीगंज थाने में दर्ज किया गया था। इस अदालती कार्रवाई में विजय मिश्रा आगरा जेल और उसका बेटा विष्णु लखीमपुर खीरी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े। वहीं राम लली और रूपा को अदालत में पेश किया गया था।
त्यागी ने बताया कि विजय मिश्रा पर कुल 83 मामले दर्ज हैं। उसे 13 मई 2025 को प्रयागराज की एक अदालत से उम्रकैद और नवंबर 2023 में वाराणसी की एक गायिका से सामूहिक दुष्कर्म मामले में 15 साल की सजा हो चुकी है। राम लली और रूपा को पहली बार किसी मामले में सजा हुई है।
तीन बार सपा और एक बार निषाद पार्टी से विधायक रहे विजय मिश्रा को 14 अगस्त 2020 को मध्य प्रदेश के आगर जिले से संपत्ति और फर्म पर कब्जे के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
भाषा सं आनन्द मनीषा शोभना
शोभना