UP School Fee Waiver: अब बेटियों की पढ़ाई का खर्च होगा पहले से काफी कम, सरकार ने शुरू की ये तैयारी, जल्द जारी होगा आदेश

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UP School Fee Waiver: अब बेटियों की पढ़ाई का खर्च होगा पहले से काफी कम, सरकार ने शुरू की ये तैयारी, जल्द जारी होगा आदेश

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 01:54 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 01:54 PM IST

UP School Fee Waiver | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • दो बेटियों में एक की फीस माफ
  • कक्षा 9 से 12 तक लागू
  • आय सीमा से नीचे परिवारों को मिलेगा लाभ

लखनऊ: UP School Fee Waiver अगर आपके भी दो ​बेटियां हैं और दोनों बेटियों को आप एक ही स्कूलों में पढ़ा रहे हैं तो एक की ट्यूशन फीस सरकार की तरफ से माफ (UP Girls Tuition Fee Waiver) की जाएगी। इसका आदेश जल्द ही जारी हो जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से इस संबंध में घोषणा की गई है। जिसेक बाद अब इसकी कवायद शुरू हो चुकी है।

UP School Fee Waiver दरअसल, महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक तथा जिला विद्यालय निरीक्षकों से इस संबंध बोर्डों के स्कूलों में पढ़ रहीं बच्चियों का विवरण मांगा है। इसके तहत यूपी बोर्ड से लेकर सीबीएसई एवं आईसीएसई स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक की बच्चियों का सारा विवरण तलब किया गया है। वहीं दूसरी तरफ पहली जुलाई को इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है।

शासन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि शासन द्वारा निर्धारित आय सीमा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की एक से अधिक बच्चियां किसी विद्यालय, महाविद्यालय अथवा संस्था में अध्ययन कर रही है तो दूसरी बच्ची का ट्यूशन फीस या तो संस्था को प्रोत्साहित करते हुए माफ कराई जाएगी।

DIOS को लिखा लेटर

संयुक्त सचिव माध्यमिक शिक्षा संजय कुमार ने कानपुर नगर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर और लखनऊ के डीआईओएस को पत्र भेजकर यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक विद्यार्थियों से ली जा रही ट्यूशन फीस का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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यह योजना किन स्कूलों पर लागू होगी?

यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों पर।

कौन सी कक्षाओं की बच्चियों को लाभ मिलेगा?

कक्षा 9 से 12 तक की बच्चियों को।

क्या सभी परिवारों को लाभ मिलेगा?

केवल उन परिवारों को जिनकी आय शासन द्वारा निर्धारित सीमा से नीचे है।