गाजियाबाद (उप्र), 10 अगस्त (भाषा) गाजियाबाद में एक निर्माण स्थल पर एक हादसे में अपना दाहिना हाथ गंवाने वाले 18 साल के एक युवक के पूरी तरह कटे हुए हाथ को दोबारा जोड़ने के लिए सात घंटे की आपात सर्जरी की गई। चिकित्सकों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
डॉक्टरों के मुताबिक, यहां काम करने वाला यह युवक 21 जुलाई को निर्माण स्थल पर एक मशीन में हाथ फंसने के कारण अपनी कलाई से दाहिना हाथ गंवा बैठा था तथा उसे बहुत ज्यादा दर्द, लगातार खून बहने और काफी खून की कमी के साथ निजी यशोदा मेडिसिटी अस्पताल लाया गया।
डॉक्टरों का कहना है कि कटे हुए हाथ को सुरक्षित रखा गया और उसके साथ ही अस्पताल लाया गया, जिससे उसे दोबारा जोड़ने की कोशिश की गयी।
अस्पताल ने बताया कि प्लास्टिक, एस्थेटिक और ‘रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी’ के ‘प्रिंसिपल कंसल्टेंट’ डॉ. शोभित शर्मा और ‘ऑर्थोपेडिक्स, जॉइंट रिप्लेसमेंट एडं स्पोर्ट्स मेडिसिन’ के निदेशक और इकाई प्रमुख डॉ. ब्रजेश कौशले की अगुवाई वाली टीम ने यह आपात सर्जरी की।
अस्पताल के अनुसार सर्जरी में कलाई की टूटी हुई हड्डियों को ठीक करना और ‘आर्टरी’, नस, ‘नर्व’, ‘टेंडन’ और ‘सॉफ्ट टिश्यू’ की ‘माइक्रो-सर्जरी’ के ज़रिए मरम्मत करना शामिल था।
डॉक्टरों के मुताबिक सर्जरी के दौरान खून की कमी को पूरा करने के लिए मरीज को खून चढ़ाने की भी जरूरत पड़ी।
शर्मा ने कहा, ‘‘पूरी तरह कटे हुए हाथ को दोबारा जोड़ना समय के साथ एक दौड़ की तरह होता है। उत्तक को कुचलने वाली चोट (क्रश इंजरी) लगी थी। सबसे छोटी रक्त वाहिका से लेकर टेंडन और नर्व तक, हर हिस्से की मरम्मत माइक्रोस्कोप के नीचे बहुत बारीकी से करनी पड़ी।’
उन्होंने कहा, ‘‘मरीज़ का बिल्कुल उपयुक्त समय के अंदर हमारे पास पहुंचना नतीजे के लिए बहुत अहम रहा। अब हाथ में रक्त की आपूर्ति बहाल हो गई है। हाथ को सामान्य रूप से काम करने लायक होने में समय लगेगा, लेकिन हमें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में उसकी हालत में लगातार सुधार होगा।’’
मरीज को अब स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उसका रेगुलर ‘फ़ॉलो-अप’ और ‘रिहैबिलिटेशन’ होगा।
डॉक्टरों ने कहा कि आने वाले महीनों में उंगलियों में हरकत धीरे-धीरे वापस आने की उम्मीद है।
डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत मेडिकल मदद मिलना और कटे हुए अंग को सही तरीके से सुरक्षित रखना बहुत ज़रूरी है।
भाषा किशोर आनन्द
राजकुमार
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