बलिया (उप्र), 25 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बृहस्पतिवार को एक जिला अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए 40 वर्षीय व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार माल्देपुर गांव में बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अविनाश सिंह (40) ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर गम्भीर रूप से घायल हो गए। परिजन घायल युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और आरोप लगाया कि वहां घायल युवक के उपचार के लिए कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं था।
पुलिस ने बताया कि सिंह ने बाद में जिला अस्पताल में मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया।
थाना प्रभारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।
अविनाश के छोटे भाई आलोक कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि उसके भाई को दुर्घटना के बाद जब लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा भाई करीब 40 मिनट तक जीवित था। मेरे चाचा, जो चिकित्सक हैं, ने उसकी जांच की और हमें बताया कि चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण समय पर उपचार नहीं मिल सका, जिससे अविनाश की मौत हो गई।’’
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने संवाददाताओं को बताया कि ‘‘घटना बहुत दुखद है।’’ उन्होंने बताया कि आरोप है कि घायल को जब लाया गया तो ट्रामा सेंटर और जिला अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘आरोप यदि सही हैं तो इसका मतलब है कि व्यवस्था की भारी कमी हुई है।’’ राय ने बताया कि उन्होंने इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को संबंधित को कारण बताओ नोटिस देने को कहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में जवाबदेही निश्चित तय होगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस के यादव ने संवाददाताओं को बताया कि आरोप की जांच समिति बनाकर जांच की जाएगी असैा आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
भाषा सं जफर अमित
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