जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण का आदेश राम मंदिर मामले से ध्यान हटाने के लिए : अजय राय

जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण का आदेश राम मंदिर मामले से ध्यान हटाने के लिए : अजय राय

जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण का आदेश राम मंदिर मामले से ध्यान हटाने के लिए : अजय राय
Modified Date: July 17, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: July 17, 2026 10:22 pm IST

लखनऊ, 17 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए दिया गया है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय 2006 में राज्य विधानसभा से पारित एक अधिनियम के तहत बनाया गया था।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राय ने कहा कि ध्वस्तीकरण आदेश जारी करने का समय राज्य सरकार की मंशा को दर्शाता है।

उन्होंने रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि सक्षम प्राधिकारी ने 15 जुलाई को सुबह 11 बजे सुनवाई की और उसी दिन शाम चार बजे ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया।

राय ने आरोप लगाया, ‘‘ यह हैरान करने वाला है और स्पष्ट रूप से सरकार की मंशा को दर्शाता है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने रामपुर के सिंगन खेड़ा गांव में स्थापित किया था, जिसे वर्ष 2024 में रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ जब गांव विकास प्राधिकरण के अधीन ही नहीं था तो भवनों का नक्शा कैसे स्वीकृत किया जा सकता था?’’

राय ने दावा किया कि राज्य सरकार ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले से ध्यान हटाने के लिए ही विश्वविद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का निर्माण सरकार द्वारा बनाए गए कानून और निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद किया गया था। राय ने भाजपा पर ‘निर्माण के बजाय ध्वस्तीकरण की राजनीति’ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बना रही है और उसके शासनकाल में लाखों स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


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