कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम बदलकर पावागढ़ किया जाएगा : योगी आदित्यनाथ

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कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम बदलकर पावागढ़ किया जाएगा : योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 11:34 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 11:34 PM IST

कुशीनगर (उप्र), दो जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को घोषणा की कि यहां के फाजिलनगर शहर का नाम बदलकर जैन तीर्थंकर भगवान महावीर के सम्मान में पावागढ़ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित एक जनसभा में फाजिलनगर का नाम बदलने की कोशिश की। इस फैसले का कई जनप्रतिनिधियों ने समर्थन किया है।

योगी आदित्यनाथ ने फाजिल नगर में एक सरकारी समारोह में फाजिल नगर का नाम बदलने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने 424 करोड़ रुपये से अधिक की 278 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, मंजूरी पत्र और चेक भी वितरित किए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमने फाजिल नगर का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे अब फाजिल नगर के नाम से नहीं जाना जाएगा, बल्कि इसे पावागढ़ के रूप में एक नई पहचान मिलेगी। इसका नाम भगवान महावीर के नाम पर रखा जाएगा। हमें इसे फाजिल नगर क्यों कहना चाहिए?’’

उन्होंने कहा कि 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के साथ ही पावागढ़ के नाम को भी प्रमुखता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पावागढ़ की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़कर देश और दुनिया भर से लोग इस पवित्र स्थान की ओर आकर्षित होंगे।’’

अधिकारियों ने बताया कि नाम बदलने का एक प्रस्ताव पहले स्थानीय प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया था। प्रस्तावित नाम पावागढ़, बिहार के पावापुरी से प्रेरित है, जो भगवान महावीर से निकटता से जुड़ा एक प्रतिष्ठित जैन तीर्थ स्थल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई अपने पूर्वजों के प्रति कैसे कृतज्ञ महसूस कर सकता है, जो सनातन धर्म के अनुयायियों से अधिक जानते हैं।’’

मान्यता है कि फाजिलनगर का प्राचीन नाम पावा था। मुहम्मद गजनवी के आक्रमण के बाद इसे अरबी शब्द ‘फाजिल’ के आधार पर फाजिलनगर कहा जाने लगा।

जानकारों के मुताबिक वर्ष 1950 में गोरखपुर के व्यापारी भीमल प्रसाद जैन ने फाजिलनगर का नाम बदलकर पावानगर रखने की मांग की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए 1976 में सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने अपनी साप्ताहिक पत्रिका का नाम ‘पावानगर टाइम्स’ रखा, ताकि फाजिलनगर का नाम पावानगर हो जाए। इस पत्रिका का विमोचन तत्कालीन देवरिया सांसद रामायण राय ने किया था।

सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, फाजिलनगर का पहले का नाम पांवा गांव था।

फाजिलनगर 2020 तक ग्राम सभा था, जिसकी जनसंख्या 30,376 थी। वर्ष 2021 में प्रदेश सरकार ने इसे नगर पंचायत का दर्जा दिया। इसमें कई ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। वर्तमान में इसकी जनसंख्या 87,897 है, जिसमें लगभग 20 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है।

वार्ड-4 निवासी फजुल्लाह सिद्दीकी ने कहा कि पावागढ़ नाम होने से विकास के साथ जैन धर्मावलंबियों का प्रभाव बढ़ेगा।

धनौजी खुर्द के मुनीर आलम ने कहा कि नाम बदलने से विकास हो तो अच्छी बात है। फाजिलनगर का किसी मुसलमान से संबंध नहीं है। अरबी में ‘फाजिल’ का अर्थ बेकार वस्तु होता है।

धनौजी खुर्द के कमरुद्दीन अंसारी ने कहा कि पावागढ़ नाम के साथ विकास होना चाहिए।

काजीपुर मुहल्ले के चाय विक्रेता नरेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री की घोषणा को उचित बताया, क्योंकि यह भगवान महावीर स्वामी की परिनिर्वाण स्थली है। रज्जब मुहल्ले के सलीम ने कहा कि मतलब विकास से होना चाहिए।

भाषा अभिनव जफर आनन्द धीरज

धीरज