लखनऊ: छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, मंत्री ने निस्तारण का भरोसा दिया

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लखनऊ: छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, मंत्री ने निस्तारण का भरोसा दिया

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  • Publish Date - August 14, 2026 / 11:41 PM IST,
    Updated On - August 14, 2026 / 11:41 PM IST

लखनऊ, 14 अगस्त (भाषा) लखनऊ के एक सरकारी स्कूल के छात्रों ने शुक्रवार सुबह शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और कुछ देर के लिए यातायात बाधित कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्‍याण राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने आंदोलनकारी छात्रों को उनकी समस्‍याओं के निस्तारण का भरोसा दिया।

पुलिस ने बताया कि जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के छात्र सुबह करीब नौ बजे स्कूल से बाहर निकले और उन्होंने पारा इलाके में बुद्धेश्वर-मोहान रोड पर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।

पुलिस के बयान के अनुसार, सूचना मिलने पर पारा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, छात्रों से बात की और पता चला कि वे स्कूल में कुछ अनियमितताओं को लेकर भी परेशान थे।

बयान के अनुसार पुलिस ने छात्रों को विरोध खत्म करने और स्कूल परिसर में लौटने के लिए मनाया, जिसके बाद सड़क खाली कराई गई और यातायात बहाल हुआ। इसके बाद छात्रों को स्कूल के मीटिंग हॉल में बैठाया गया, जहां शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों ने उनसे बातचीत की।

पुलिस ने बताया कि मौके पर काकोरी के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और स्थिति शांतिपूर्ण रही।

उप्र के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण संयोग से एक आधिकारिक कार्यक्रम के लिए कन्नौज जाते समय उस इलाके से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने विरोध प्रदर्शन देखा।

मंत्री छात्रों से बात करने के लिए गाड़ी से नीचे उतरे और इसके बाद मंत्री छात्रों के साथ स्कूल गए और लगभग दो घंटे तक उनसे और अधिकारियों से बातचीत की।

असीम अरुण ने कहा, ‘मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि बच्चे इसलिए विरोध नहीं कर रहे थे कि वे नकल करना चाहते थे या उपस्थिति से बचना चाहते थे। वे इसलिए विरोध कर रहे थे क्योंकि वे चाहते थे कि उनकी पढ़ाई अच्छी हो।’

अरुण ने कहा कि कुछ शिक्षक अदालती मामले के कारण अपने पद नहीं संभाल पाए हैं, जिससे समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे कुछ स्कूलों में पढ़ाई पर असर पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘मामले की सुनवाई 17 तारीख को होनी है, और हमें भरोसा है कि हम उच्‍च न्‍यायालय के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे और जल्द ही अतिथि प्रवक्ता और शिक्षकों की व्यवस्था करेंगे।’

भाषा किशोर आनन्द शोभना

शोभना