अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की अगले साल जनवरी में मेजबानी करेगा लखनऊ

अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की अगले साल जनवरी में मेजबानी करेगा लखनऊ

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  • Publish Date - August 18, 2025 / 09:37 PM IST,
    Updated On - August 18, 2025 / 09:37 PM IST

लखनऊ, 18 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अगले साल जनवरी में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 86वां सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि अगले साल 20 और 21 जनवरी को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 86वां सम्मेलन लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश भर की विधानसभाओं के अध्यक्ष भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में राज्यसभा के उपसभापति भी शामिल होंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी इस आयोजन में शिरकत के लिए सहमति मिल चुकी है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की प्रगति और विकास की झलक पूरे देश के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश देश की विधानसभाओं का नेतृत्व कर रहा है, जो अत्यंत गौरव का विषय है।

महाना ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां जल्द ही शुरू की जाएंगी और लोकसभा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश को बिना उसकी बारी के इस सम्मेलन की मेजबानी का मौका दिया है जो विशेष सम्मान की बात है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा के संरक्षण में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम लोकसभा की टीम के आगमन के बाद तय किया जाएगा।

महाना ने बताया कि सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी प्रतिनिधियों को प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव से परिचित कराने के लिए अयोध्या, काशी, मथुरा और कुशीनगर आदि पावन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इससे पूर्व यह सम्मेलन पटना और उससे पहले मुंबई में हुआ था।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन के लिए हर बार एक विषय वस्तु तय की जाती है और इस पर देश की सभी विधानसभाएं अपने विचार प्रस्तुत करती हैं तथा उसके बाद एक महत्त्वपूर्ण संकल्प पारित होता है।

उन्होंने बताया कि उसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी इस बार उत्तर प्रदेश को दी गई है।

उन्होंने कहा कि देश की विधानसभाओं के विधायकों को प्रशिक्षण देने का उत्तरदायित्व भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें सौंपा है जो उत्तर प्रदेश के लिए न केवल सम्मान, बल्कि सौभाग्य की बात है।

भाषा सलीम सिम्मी

सिम्मी