UP New Jail Policy: अब बड़े पैमाने पर जेल से बाहर आ सकेंगे कैदी!.. CM ने दिए समय पूर्व रिहाई के लिए पॉलिसी बनाने के निर्देश, इन कैदियों को मिलेगा फायदा

UP New Jail Policy: अब बड़े पैमाने पर जेल से बाहर आ सकेंगे कैदी!.. CM ने दिए समय पूर्व रिहाई के लिए पॉलिसी बनाने के निर्देश, इन कैदियों को मिलेगा फायदा

Uttar pradesh new jail policy || Image- Citizens for Justice and Peace file

Modified Date: September 1, 2025 / 08:26 pm IST
Published Date: September 1, 2025 6:51 pm IST
HIGHLIGHTS
  • गंभीर बीमार और वृद्ध कैदियों की रिहाई पर ज़ोर
  • नालसा मॉडल को यूपी में अपनाने की तैयारी
  • जघन्य अपराधियों को नहीं मिलेगी समयपूर्व रिहाई

Uttar pradesh new jail policy: लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अधिकारियों को गंभीर बीमारियों, वृद्धावस्था या विकलांगता से जूझ रहे कैदियों की समय से पहले रिहाई के नियमों को सरल और स्पष्ट बनाने के निर्देश दिए है।

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जारी की गई विज्ञप्ति

इस संबंध में जारी किये गये विज्ञप्ति में कहा गया है कि नीति “पारदर्शी, मानवीय और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पात्र कैदियों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता के बिना स्वचालित रूप से विचार किया जाए।”

इन कैदियों को नहीं मिलेगी राहत

Uttar pradesh new jail policy: जेल प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घातक बीमारियों से ग्रस्त, वृद्ध और असहाय कैदियों की पहचान के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण कराया जाए और उनकी रिहाई को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने महिलाओं और वृद्ध दोषियों को भी प्राथमिकता सूची में शामिल करने पर ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री योगी ने ज़ोर देकर कहा कि जेल नियमावली में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख होना चाहिए कि कौन सी बीमारियाँ लाइलाज हैं। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि हत्या, आतंकवाद, देशद्रोह और महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों जैसे जघन्य अपराधों के दोषियों पर समयपूर्व रिहाई लागू नहीं होनी चाहिए।

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यूपी में अपनाया जाएगा नालसा का मॉडल

उन्होंने कैदियों को जेल की अवधि के दौरान कृषि और पशु देखभाल जैसे कामकाज में शामिल करने का सुझाव भी दिया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा सुझाया गया मॉडल उत्तर प्रदेश में भी अपनाने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नई नीति का ड्राफ्ट जल्द ही तैयार किया जाए। इस बीच, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में औपनिवेशिक युग के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 को आधुनिक और व्यावहारिक कानून से बदलने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है।


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

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