बरेली (उप्र), 16 मार्च (भाषा) बरेली शहर के इज्जतनगर क्षेत्र में सोमवार को पंचायत के दौरान एक व्यक्ति ने अपने साले और सास की चाकू से प्रहार करके हत्या कर दी जबकि पत्नी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर क्षेत्र) मानुष पारीक ने बताया कि इज्जतनगर थाना क्षेत्र के रहपुरा चौधरी गांव में अफसर खान नामक व्यक्ति ने पत्नी सायमा के अपने मायके से वापस नहीं आने के मामले को लेकर बुलाई गई पंचायत में साले आदिल (19) और सास आसमा (55) की धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी जबकि सायमा गंभीर रूप से घायल हो गई।
उन्होंने बताया कि वारदात के बाद फरार हुए खान की तलाश में पुलिस टीम जगह-जगह दबिश दे रही है।
पारीक ने बताया कि परिजनों के अनुसार बेहद गुस्सैल स्वभाव का अफसर खान अक्सर मारपीट करने लगता था और उसके इस व्यवहार से परेशान होकर पत्नी मायके जाकर रहने लगी थी।
उन्होंने बताया कि पत्नी ने ससुराल लौटने से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन खान उसे जबरन अपने घर ले जाने की जिद कर रहा था।
परिजन के मुताबिक पत्नी ने अपने पति की धमकियों से तंग आकर 15 मार्च को इज्जतनगर थाने में लिखित तहरीर दी थी, जिसमें उसने कहा था कि खान उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है।
पारीक ने बताया कि पत्नी और पति के बीच लगातार बढ़ते विवाद को खत्म करने के लिए सोमवार को गांव के ही रहने वाले रशीद नामक व्यक्ति के घर पर पंचायत बुलाई गई थी।
उन्होंने बताया कि खान पंचायत में पहुंचते ही उग्र हो गया और गाली गलौज करते हुए चाकू से पत्नी सायमा के भाई आदिल पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
उन्होंने बताया कि उसके बाद खान ने अपनी सास आसमा तथा पत्नी सायमा पर भी चाकू से ताबड़तोड़ वार करके उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पारीक ने बताया कि आदिल और आसमा ने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि अस्पताल में भर्ती सायमा की हालत बेहद नाजुक बताई गई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। आनन-फानन में हुई इस घटना से गांव के लोग हैरान रह गये।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने अगर रविवार को सायमा द्वारा दी गई शिकायत पर कार्रवाई की होती तो इस जघन्य वारदात को रोका जा सकता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अफसर खान ने वर्ष 2022 में अपने सगे मामा की भी हत्या कर दी थी और इस मामले में वह जेल भी गया था।
उन्होंने बताया कि वह कुछ साल बाद अदालत से जमानत मिलने पर गांव लौटा था लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार होने के बजाय वह और भी ज्यादा आक्रामक हो गया।
भाषा सं सलीम जोहेब
जोहेब