लखनऊ। Chandrashekhar Azad Latest News दिल्ली-यूपी सीमा पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर में अचानक सियासी तनाव का केंद्र बन गया। आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को पुलिस ने उत्तर प्रदेश में प्रवेश से रोक दिया, जिसके बाद हालात कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गए।
चंद्रशेखर आज़ाद मेरठ के सरधना क्षेत्र में एक दलित परिवार से मिलने जा रहे थे, जहां हाल ही में महिला की नृशंस हत्या और उसकी बेटी के अपहरण का मामला सामने आया है। जैसे ही उनका काफिला गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए आगे बढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। काफिले के रुकते ही चंद्रशेखर आज़ाद के समर्थक भी मौके पर जुटने लगे। देखते ही देखते माहौल गरम हो गया।
उप्र पुलिस अभितक मेरठ में आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है और हमारे नेता मा चंद्रशेखर आज़ाद जी को रोक रही है।
अब चाहे जान चली जाए लेकिन पीछे नहीं हटेंगे न्याय लेकर रहेंगे।@myogiadityanath @BhimArmyChief @Uppolice @UPGovt @DrMohanYadav51 pic.twitter.com/7ZJkok3Vpo
— Sunil Astay (@SunilAstay) January 10, 2026
इसी दौरान चंद्रशेखर आज़ाद स्वयं गाड़ी से उतरकर आगे बढ़े और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चंद्रशेखर आज़ाद यह कहते सुने गए कि वह एक निर्वाचित सांसद हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। कुछ समय तक पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और बहस का माहौल बना रहा। एहतियात के तौर पर मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि अधिकारियों की सूझबूझ से हालात को काबू में कर लिया गया और किसी बड़े टकराव की नौबत नहीं आई।
गाजीपुर बार्डर पर @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद ने पुलिस को दौड़ाया 👇
चकमा देकर रोड पर निकले और अकेले ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेरठ के कपसाड़ गांव के लिए निकले
जिसके नाम में ही “आजाद” हो आखिर उसे कैसे रोक सकते हो।। pic.twitter.com/npp81pqDLE
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) January 10, 2026
Chandrashekhar Azad Latest News दरअसल, जिस घटना के बाद यह सियासी हलचल शुरू हुई, वह मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव की है। गुरुवार सुबह एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी। आरोप है कि गांव के ही रहने वाले पारस ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवती का हथियार के बल पर अपहरण कर लिया। जब मां ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि युवती को आरोपी अपने साथ ले गए। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा है। इसी बीच चंद्रशेखर आज़ाद को रोके जाने की घटना ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
पुलिस द्वारा @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद को रोके जाने के बाद पैदल ही हाइवे पर निकले चन्द्रशेखर आजाद
एक बाइकसवार को रोककर अकेले ही मेरठ के कपसाड़ जिले के लिए निकले
बड़ी संख्या में चन्द्रशेखर आजाद के समर्थन रास्तों में जुटे हुए हैं।। pic.twitter.com/Svn5oavlMP
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) January 10, 2026