केजीएमयू में नर्सिंग छात्रों का धरना फिर शुरू, प्राचार्य और डीन के इस्तीफे की मांग

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केजीएमयू में नर्सिंग छात्रों का धरना फिर शुरू, प्राचार्य और डीन के इस्तीफे की मांग

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 09:43 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 09:43 PM IST

लखनऊ, 29 सितंबर (भाषा) लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के नर्सिंग छात्रों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने का आरोप लगाते हुए सोमवार देर रात एक बार फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छात्रों ने नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के मामले में जवाबदेही तय करने तथा नर्सिंग संकाय की डीन और संस्थान की कार्यवाहक प्राचार्य के इस्तीफे की मांग की है।

छात्रों ने 28 सितंबर को केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद और कुलसचिव अर्चना गहरवार को भेजे पत्र में कहा कि वे केजीएमयू कॉलेज ऑफ नर्सिंग परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी ‘वाजिब मांगें’ अब भी पूरी नहीं हुई हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और उनका किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि साथी छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत से वे बेहद दुखी हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगों में नर्सिंग संकाय की डीन प्रोफेसर अमिता पांडेय और केजीएमयू इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की कार्यवाहक प्राचार्या सूचना रॉय भौमिक के इस्तीफे के साथ-साथ मामले में स्पष्ट जवाबदेही तय करना शामिल है। छात्रों ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच तथा उचित कार्रवाई की भी मांग की है।

प्रदर्शनकारी छात्रा सुम्बुल ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि करीब 22-23 छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने पहले कुलपति से मुलाकात की थी और उन्हें समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्या के इस्तीफे की बात कहकर प्रदर्शन समाप्त कराया गया था, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ।

सुम्बुल ने कहा कि जब तक प्राचार्या इस्तीफा नहीं देतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर छात्र भूख हड़ताल भी कर सकते हैं।

उन्होंने छात्रावास में गंदगी, डेंगू और टाइफाइड के मामलों, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सा अवकाश तथा जवाबदेही का मुद्दा भी उठायाा।

एक अन्य छात्र प्रीतेश कुमार ने कहा कि प्राचार्या को पद से नहीं हटाए जाने की वजह से ही छात्रों ने दोबारा धरना शुरू किया है।

इस बीच, केजीएमयू प्रशासन ने एक बयान में कहा कि दिव्यांशी की अचानक और असामयिक मौत से विश्वविद्यालय बेहद दुखी है। विश्वविद्यालय के अनुसार, 21 सितंबर को छात्रों ने आंदोलन शुरू किया था, जिसे कुलपति के हस्तक्षेप के बाद स्थगित कर दिया गया था।

विश्वविद्यालय ने कहा कि 26 सितंबर को कुलपति ने छात्रों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी थी और संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) छात्रों के साथ साझा की गई थीं।

केजीएमयू प्रशासन ने कहा कि छात्र 28 सितंबर को कक्षाओं में जाने से इनकार करते हुए फिर आंदोलन पर बैठ गए।

विश्वविद्यालय के मुताबिक, छात्रा की मौत से जुड़ी घटना की आधिकारिक जांच जारी है और वाराणसी में हुए उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण चिकित्सकीय साक्ष्य मिलने का इंतजार है।

विश्वविद्यालय ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

भाषा

अरुणव सलीम पारुल

पारुल