ओबीसी कांग्रेस का महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती पर कार्यक्रम 11 अप्रैल को लखनऊ में
ओबीसी कांग्रेस का महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती पर कार्यक्रम 11 अप्रैल को लखनऊ में
लखनऊ, नौ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विभाग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने बृहस्पतिवार को बताया कि पार्टी का ओबीसी प्रकोष्ठ देश भर में सत्यशोधक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती मना रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में 11 अप्रैल शनिवार को यहां मार्स ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, तेलंगाना के परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर, उत्तर प्रदेश के पार्टी मामलों के प्रभारी अविनाश पांडेय समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सामाजिक न्याय के प्रमुख विचारक भाग लेंगे।
जयहिंद ने एक बयान में कहा,‘‘ महात्मा फुले ने अकेले ही सामाजिक क्रांति का बिगुल फूंका और ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) समाज को सामाजिक गुलामी से मुक्त किया। आज इस अधूरी सामाजिक क्रांति को “न्याय योद्धा” राहुल गांधी जी आगे बढ़ा रहे हैं।’’
उन्होंने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से मांग की कि देश में एक वैज्ञानिक जाति जनगणना कराई जाए, जिसमें केवल जातियों की गिनती ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक स्थिति, सरकारी नौकरियों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नौकरशाही में हिस्सेदारी का विस्तृत डेटा एकत्र किया जाए।
जयहिंद ने कहा कि प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी महिलाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित 273 सीटों में अधिकांश सामान्य वर्ग को मिलेंगी, जिससे संसद की सामाजिक संरचना असंतुलित हो जाएगी और लोकतंत्र में समान भागीदारी का सिद्धांत कमजोर होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ओबीसी महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं दिया गया, तो देशव्यापी सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज में ओबीसी आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय को मजबूती दी थी, जबकि वर्तमान सरकार की नीतियां ओबीसी विरोधी हैं।
भाषा जफर राजकुमार
राजकुमार

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